सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए बोला विजय माल्या- नरेश और नीता गोयल से मेरी सहानुभूति
नई दिल्ली। अलग-अलग बैंकों से करोड़ों का लोन लेकर फरार हुए शराब कारोबारी विजय माल्या ने फिर ट्विट कर जेट एयरवेज के डूबने को लेकर सहानुभूति जताई है। विजय माल्या ने ट्विट कर कहा कि हालांकि हम लोग प्रतियोगी थे लेकिन मेरी सहानुभूति नरेश और नीता गोयल के साथ है जिन्होंने जेट एयरवेज को बनाया जिस पर भारत गर्व महसूस कर सकता है। जेट एयलाइन बेहतर कन्क्टिविटी और क्लास सर्विस देती आई है। विजय माल्या ने बुधवार सुबह अपने ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक चार ट्वीट किए।

माल्या ने कहा, 'मैं अपने प्रस्ताव को फिर से दोहराता हूं कि बैंकों का पूरा कर्ज चुका दूंगा। लेकिन, बैंक और सरकार जेट एयरवेज की मदद क्यों नहीं कर रही हैं। माल्या ने कहा कि मैं चाहे लंदन में हूं या भारतीय जेल में पैसा लौटाने को तैयार हूं।' विजय माल्या ने बुधवार सुबह पहला ट्वीट करते हुए कहा- भले ही जेट और किंगफिशर एक दूसरे के कॉम्पिटिटर थे, लेकिन एक बड़ी प्राइवेट एयरलाइन को असफलता के कगार पर देखकर दुख हुआ। जबकि, सरकार ने एयर इंडिया को बचाने के लिए 35 हजार करोड़ रुपए के सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किया।
सिर्फ पीएसयू होना भेदभाव का कोई बहाना नहीं है। आपको बता दें कि विजय माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। मार्च 2016 में वह लंदन भाग गया। वहां की निचली अदालत और गृह विभाग माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे चुके हैं। प्रत्यर्पण के खिलाफ माल्या की पहली अपील को हाईकोर्ट खारिज कर चुका है। भारत की विशेष अदालत (पीएलएलए) माल्या को भगोड़ा घोषित कर चुकी है।












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