भाजपा के एक लिए येदुरप्पा बनेंगी वसुंधरा राजे
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) क्या भाजपा के लिए येदुरप्पा बन सकती हैं वसुंधरा राजे? दरअसल बदनाम ललित मोदी से नजदीकियों के कारण राजस्थान की मुख्यमंत्री राजे संकट में हैं।
उन पर तमाम आरोप लग रहे हैं। पर उनके साथ इस समय पार्टी नहीं है। भाजपा लीडरशिप विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का तो साथ दे रहा है, पर राजे को इग्नोग कर रहा है।
कभी ललित के कारण तो कभी लिपलॉक की वजह से वसुंधरा रहीं विवादित
तोड़ा नाता
इन हालतों में ये सवाल अहम हो रहा है कि क्या राजे उत्तर भारत की येदुरप्पा साबित होंगी पार्टी के लिए। आपको याद होगा कि दक्षिण भारत में भाजपा को स्थापित करने वाले बीएस येदुरप्पा पर जब करप्शन के तमाम आरोप लगे तो उन्होंने पार्टी से नाता तोड़ लिया था।
राजस्थान में भाजपा
येदुरप्पा ने कर्नाटक भाजपा और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जिस तरह से राजस्थान में भाजपा को स्थापित करने में राजे का खास रोल रहा है, उसी तरह से एक दौर में येदुरप्पा ने कर्नाटक में कमल खिलाया था। यानी दोनों ने अपने -अपने राज्यों में भाजपा को ताकत दी।
छोड़-तोड़ सकती हैं
भाजपा को करीब से जानने वाले दावा करते हैं कि अगर राजे को पार्टी आला कमान का साथ ना मिला तो वह पार्टी छोड़ और तोड़ भी सकती हैं। हालांकि राजस्थान में पार्टी का किला बहुत मजबूत है। पार्टी वहां पर फिर से खड़ी हो सकती हैं।
स्पेस नहीं
उधर, एक राय ये भी है कि राजे भाजपा को नहीं छोड़ेंगी। कुछ समय के बाद सारा मामला यूं भी खत्म हो ही जाएगा। उनके लिए भाजपा से बाहर कहीं कोई जगह नहीं है। राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा से इतर किसी दल के लिए कोई जगह नहीं है।
बीएस येदुरप्पा ने कहा,"मुझे लगता है कि अनंत कुमार ने आडवाणी पर दबाव बनाया है. जिसकी वजह से आडवाणी मेरे से खुश नहीं है. और इन सबके चलते गडकरी मुझे पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नहीं बना सके"
कर्नाटक की दो सौ चौबीस सीटों की विधानसभा में बीजेपी के पास एक सौ सत्रह सीटें हैं. सरकार बचाने के लिए एक सौ तेरह सीटों की जरूरत है. अगर येदुरप्पा के दावों में दम है और उनके साथ पांच विधायक चले जाते हैं तो बीजेपी की सरकार पर खतरा मंडरा सकता है. साफ है कि लिंगायत समुदाय के बड़े नेता माने वाले येदुरप्पा कर्नाटक की राजनीति में बीजेपी को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।













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