VIDEO: भारतीय स्टार्टअप का कमाल, तैयार किया इंसानों को ले जाने वाला ड्रोन, नौसेना में होगा शामिल
Varuna Drone for Navy, 5 अक्टूबर: एक वक्त था जब भारत के ज्यादातर हथियार और सैन्य उपकरण विदेशों से आते थे, लेकिन अब वक्त बदल गया है। भारतीय कंपनियां लगातार देश में ही हाईटेक उपकरणों का उत्पादन कर रहीं, जिस वजह से तीनों सेनाएं भी उन्हें प्राथमिकता दे रही हैं। हाल ही में पुणे में भारतीय स्टार्टअप सागर डिफेंस इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने वरुण नाम से एक मानव-वाहक ड्रोन विकसित किया, जिसको जल्द ही भारतीय नौसेना अपने बेड़े में शामिल करेगी।

नेवल इनोवेशन सेमीनर में किया था प्रदर्शित
जानकारी के मुताबिक चाकन स्थित सागर डिफेंस इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 'वरुण' को डिजाइन किया और वो ही इसका निर्माण कर रही। ये ड्रोन आसानी से पेलोड, तरल पदार्थ ले जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी तो इसमें बैठकर इंसान भी जा सकते हैं, जबकि अभी तक के ज्यादातर ड्रोन में इंसानों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसे जुलाई में आयोजित नेवल इनोवेशन सेमीनर में प्रदर्शित किया गया था।

क्या है खासियत?
अगर इसकी खासियत की बात करें, तो इसे आसानी से अन्य ड्रोन की तरह ऑपरेट किया जा सकता है। इसके अलावा ये निर्धारित मार्गों पर स्वचालित उड़ान भर सकता है। ये एक बार में करीब 130 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने की भी क्षमता रखता है, जबकि ये 30 मिनट में 25 किमी की दूरी तय कर सकता है।

पूरी तरह से स्वदेशी
सागर डिफेंस इंजीनियरिंग के संस्थापक कैप्टन निकुंज पाराशर ने अपने दो को-फाउंडर बब्बर और लक्ष्य डांग के साथ मिलकर भारतीय नौसेना के लिए ड्रोन डिजाइन किया है। इस ड्रोन को पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया। साथ ही ये इस तरह बनाया गया है कि इसे युद्ध की स्थिति में सेना इस्तेमाल कर सके।

एयर एंबुलेंस के रूप में भी उपयोग
मामले में बब्बर ने कहा कि जब उन्होंने ये प्रोजेक्ट शुरू किया तो उनको फंडिंग और इसकी मंजूरी की चिंता सता रही थी, लेकिन नौसेना, आईडीईएक्स टीम और रक्षा मंत्रालय ने उनका पूरा सहयोग किया। इस ड्रोन का उपयोग एयर एंबुलेंस, हवाई टैक्सी, आपातकालीन निकासी, आपदा राहत के लिए भी किया जा सकता है।












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