दक्षिण भारत के इन शहरों से जल्द शुरू हो रही वंदे भारत एक्सप्रेस, बेंगलुरू में हुआ सफल ट्रायल
दक्षिण भारत के इन शहरों से जल्द शुरू हो रही वंदे भारत एक्सप्रेस, बेंगलुरू में हुआ सफल ट्रायल
Vande Bharat Express:उत्तर भारत के बाद अब जल्द ही वंदे मातरम एक्सप्रेस ट्रेन की शुरूआत दक्षिण भारत में होने जा रही है। साउथ इंडिया की पहली वंदे भारत ट्रेन को 11 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरू में हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वंदे भारत ट्रेन के बेंगलुरु में उद्घाटन से पहले ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया।

वंदे भारत ट्रेन का ये ट्रायल ट्रेन चालक दल को ट्रेन के सेट, रूट, सिग्नल और अन्य सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए किया गया। ये ट्रेन चेन्नई के डॉ एमजीआर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सुबह 5:50 बजे रवाना हुई और दोपहर 12:30 बजे मैसूर पहुंची। जिसमें दक्षिण पश्चिम रेलवे और दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक और अन्य अधिकारी ट्रायल के वक्त मौजूद थे।
11 नवंबर को पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) ने बताया वंदे भारत ट्रेन का सोमवार को सफलतापूर्वक संचालन किया गया ।साउथ इंडिया की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 नवंबर बेंगलुरु में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 के उद्घाटन के साथ हरी झंडी दिखाएंगे।
क्यों करवाया जाता है ट्रेन के शुरू होने से पहले ट्रायल
एसडब्ल्यूआर ने बताया ट्रेन का संचालन करने वाले ग्रुप को ट्रेन सेट, मार्ग, सिग्नल और लेवल क्रॉसिंग गेट्स, ब्लॉक वर्किंग इत्यादि जैसे अन्य सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए और ऑनबोर्ड कोच रखरखाव चालक दल को परिचित करने के लिए ट्रायल रन किया गया था।
जानें ट्रेन का क्या है रूट
ट्रायल के दौरान ट्रेन चेन्नई के डॉ एमजीआर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सुबह 5:50 बजे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रवाना की गई और दोपहर 12:30 बजे मैसूर पहुंची। एसडब्ल्यूआर ने बताया कि ट्रेन काटपाडी और केएसआर बेंगलुरु स्टेशनों पर भी रुकी। इसके बाद थोड़ी देर रुकने के बाद, ट्रेन दोपहर 1:05 बजे मैसूर जंक्शन रेलवे स्टेशन से रवाना हुई और शाम 7.35 बजे डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर पहुंची।
वंदे भारत एक्स्प्रेस की खासियत
- मोदी सरकार में शुरू की गई वंदे भारत ट्रेन 52 सेकेंड्स में 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ लेती है।
- इस ट्रेन में ऐसी गार्ड प्रणाली है जो दुर्घटना के समय ट्रेन अपने आप रुक जाएगी।
- वंदे भारत ट्रेनों का स्पीड टेस्ट 180 किलोमीटर प्रति घंटे पर किया गया है
- हालांकि ये 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड तक से आसानी से संचालित की जा सकती है।
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