कोरोना के खिलाफ 99 फीसदी तक असरदार है वैक्सीन, सिर्फ 0.4 % लोगों को मौत का खतरा
नई दिल्ली, जुलाई 19: भारत सहित दुनियाभर के तमाम देशों में कोरोना के तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में वैक्सीनेशन को कोरोना संक्रमण के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार मान रहे हैं। अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने वैक्सीन को कोरोना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय बताया है। कोरोना का अब तक के सबसे खतरनाक वेरिएंट माने जाने वाले डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भी ये वैक्सीन प्रभावी है। डब्ल्यूएचओ का भी कहना है कि सिर्फ वैक्सीन ही कोरोना के वेरिएंट से लोगों को बचा सकती है।

वैक्सीन जान बचा सकती है
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के शोधकर्ताओं के एक नए अध्ययन के अनुसार टीकाकरण के बाद संक्रमित होने वालों में लगभग 0.4% की मृत्यु हो गई। अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि कोविड वैक्सीन ले चुके केवल 10 फीसदी लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। स्टडी के लिए 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 677 क्लीनिकल सैम्पल जुटाए गए।

677 में से 86% केस में डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि हुई
ये सैम्पल उन लोगों के थे, जो वैक्सीन का एक या दोनों डोज ले चुके थे और इसके बाद भी वे कोरोना संक्रमित हो गए। इस तरह के इन्फेक्शन को ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन कहते हैं। 677 में से 86% केस में डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि हुई है। 85 मरीज पहले डोज के बाद इन्फेक्ट हुए। वहीं, 592 लोग दूसरे डोज के बाद। अच्छी बात यह रही कि सिर्फ 9.8% केस में मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा और सिर्फ तीन लोगों की मौत हुई।

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सुरक्षा देने में वैक्सीनेश ही एकमात्र उपाय
शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड संक्रमण से बचे रहने के लिए वैक्सीनेशन सबसे जबरदस्त उपाय हो सकता है। सभी लोगों को टीकाकरण जरूर कराना चाहिए। देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सुरक्षा देने में वैक्सीनेश ही एकमात्र उपाय हो सकता है। इस आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि टीका डेल्टा के कारण अस्पताल में भर्ती होने के साथ मौत के खतरे को भी कम करता है। वैक्सीन गंभीर और जानलेवा इन्फेक्शन से बचा लेती है। स्टडी में शामिल कोरोना की चपेट में आए 71 लोगों ने कोवैक्सीन लगवाई थी जबकि 604 लोगों ने कोविशील्ड लगवाई थी। वहीं दो लोगों ने चीन की सिनोफार्म वैक्सीन लगवाई थी। इन सारे लोगों में सिर्फ 3 लोगों की मौत हुई।

टीकाकरण, रोग की गंभीरता से बचा सकता है, संक्रमण से नहीं
इसमें कुल 482 में से 71 फीसदी लोगों को एक या अधिक लक्षणों के साथ सिम्टोमैटिक लक्षण थे, वहीं 29 फीसदी लोगों में एसिम्टोमैटिक मामलों की पुष्टि हुई। शोधकर्ताओं का कहना है कि टीकाकरण कराने के बाद यदि आप बचाव के उपायों को प्रयोग में नहीं लाते हैं तो कोविड संक्रमित होने का खतरा बढ़ सकता है। टीकाकरण, रोग की गंभीरता से बचा सकता है, संक्रमण से नहीं। वहीं ऐसे में बच्चों को कोरोना का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगनी नहीं शुरू हुई है।












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