DMK के डीके शिवकुमार हैं Senthil Balaji, पढ़िए उनका प्रोफाइल
V Senthil Balaji: वरिष्ठ डीएमके नेता और स्टालिन सरकार में मंत्री वी सेंथिल बालाजी से ईडी ने 18 घंटे पूछताछ के बाद कस्टडी में ले लिया है। जिस तरह से घंटों पूछताछ के बाद ईडी ने सेंथिल बालाजी को हिरासत में लिया उसके बाद सेंथिल कुमार फूट पड़े। इसके बाद सेंथिल कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हम डरने वाले नहीं
सेंथिल बालाजी की हिरासत के बाद प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री स्टालिन ने सेंथिल के खिलाफ कार्रवाई के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हम भाजपा की धमकाने वाली राजनीति से डरने वाले नहीं हैं, हम इसे कानून तौर पर लड़ेंगे।

डीएमके के डीके शिवकुमार
सेंथिल बालाजी की बात करें तो उन्हें डीएमके के डीके शिवकुमार माना जाता है। जिस तरह से कर्नाटक में कांग्रेस के लिए डीके शिवकुमार कई मौकों पर संकटमोचक साबित हुए, कुछ उसी तरह से सेंथिल बालाजी को भी डीएमके के अहम चुनानी रणनीतिकार के तौर पर जाना जाता है।
डीएमके में शीर्ष नेता
सेंथिल बालाजी की बात करें तो उन्हें डीएमके के शीर्ष नेता के तौर पर जाना जाती है। पार्टी के अहम रणनीतिकार के तौर पर उन्हें जाना जाता है। कई मौकों पर वह पार्टी के लिए संकटमोचक साबित हुए हैं। सेंथिल को पार्टी में नंबर एक नेता के तौर पर माना जाता है।
जयललिता के निधन के बाद डीएमके में बढ़ा कदम
सेंथिल बालाजी एआईएडीएमके छोड़कर डीएमके में शामिल हुए थे. जब जयललिता का निधन हुआ तो वह डीएमके में शामिल हो गए। एआईडीएमके छोड़ने के बाद स्टालिन की अगुवाई में डीएमके में सेंथिल बालाजी का कद लगातार बढ़ता रहा।
आखिर क्यो हैं निशाने पर
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा और एआईएडीएमके सेंथिल बालाजी को एक बड़ी चुनौती के तौर पर मानते हैं। दरअसल भाजपा को यह लगता है कि तमिलनाडु में वह अगले लोकसभा चूनाव में कुछ सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है।
सेंथिल बालाजी को बेहतरीन राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर जाना जाता है, लिहाजा वह भाजपा के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। यही वजह है कि भाजपा उन्हें निशाना बना रही है।
कांग्रेस-डीएमके का केंद्र पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने सेंथिल बालाजी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। दरअसल विपक्ष अगले लोकसभा चुनाव से पहले एकुजट होने की कवायद में जुटा है।
कर्नाटक में जीत के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। पार्टी डीएमके के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
चार बार के विधायक
सेंथिल बालाजी डीएमके पार्टी से अरवाकुरुची विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2011 से 2015 के बीच वह एआईएडीएमके सरकार में परिवहन मंत्री थे। जयललिता के निधन के बाद सेंथिल एएमएमके में शामिल हो गए। इसके बाद वह डीएमके में शामिल हुए और डीएमके के टिकट पर विधायक बने। सेंथिल कुमार तमिलनाडु से चार बार के विधायक हैं।
कितनी पढ़ाई, 21 की उम्र शुरू की राजनीति
सेंथिल बालाजी का जन्म 21 अक्टूबर 1975 में करूर, तमिलनाडु में हुआ था। उन्होंने सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई की है। सेंथिल बालाजी ने करूर आर्ट्स कॉलेज में बीकॉम में दाखिला लिया था, लेकिन अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था।
कितनी संपत्ति, कितने केस
सेंथिल कुमार की कुल संपत्ति की बात करें तो वह कुल 2.84 करोड़ रुपए के मालिक हैं। उनके ऊपर कुल 9.05 लाख रुपए का कर्ज है। सेंथिल बालाजी के खिलाफ कई केस दर्ज हैं, हालांकि एक भी केस में उनके खिलाफ चार्ज फ्रेम नहीं किए गए हैं।












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