Covid19:अमेरिका ने WHO की फंडिंग रोकी तो चीन को लगी मिर्ची
नई दिल्ली- चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को अमेरिका से मिलने वाली फंडिंग रोकने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर गहरी चिंता जताई है। इसके साथ ही उसने अपनी ओर से इस संगठन को दिए जाने वाले चंदे की राशि बढ़ाने के भी संकेत दिए हैं। गौरतलब है कि ट्रंप ने मंगलवार को ऐलान किया था कि जानलेवा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में बुरी तरह विफल रहने और उसे कथित तौर छिपाने की विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोशिशों की समीक्षा तक वह उसे दिए जाने फंड को रोक रहा है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस के फैलने में चीन का पक्ष लिया है, जिसके चलते अमेरिका की इकोनॉमी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

अमेरिकी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्राल के प्रवक्ता जाओ लिजिअन ने कहा है, 'डब्ल्यूएचओ की फंडिंग रोकने की अमेरिकी घोषणा पर चीन गहरी चिंता जाहिर करता है।' विश्व स्वास्थ्य संगठन खासकर इसके महानिदेशक टेड्रॉस एधानोम घेब्रेयेसस का बचाव करते हुए लिजिअन ने कहा है, 'वैश्विक और जन स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में डब्ल्यूएचओ अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट के समय अपूर्णीय भूमिका निभाता रहा है, खासकर जब से कोविड-19 का प्रकोप शुरू हुआ है इसने बेहद आधिकारिक और पेशेवर तरीके से एक अंतरराष्ट्रीय संगठन की भूमिका निभाई है। ' उन्होंने कहा, 'डॉक्टर टेड्रॉस की अगुवाई में डब्ल्यूएचओ अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में कोऑर्डिनेशन के रोल में केंद्रीय भूमिका में है जिसकी विश्व समुदाय ने भारी सराहना की है। '
उन्होंने कहा है, 'इसका असर अमेरिका समेत सभी देशों पर पड़ेगा, खासकर जिन देशों के पास क्षमता और प्रणालियां नाजुक हैं। हम अमेरिका से जोर देकर गुजारिश करते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सहयोग करने के लिए वह अपने दायित्वों और जिम्मेदारियों को ईमानदारीपूर्वक पूरा करे।' चीन की ओर से उन्होंने ये भी कहा, 'अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य और वैश्विक महामारी के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में चीन हमेशा ही डब्ल्यूएचओ का सहयोग करेगा। '












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