उर्जित पटेल: भारत के नए आरबीआई गवर्नर के बारे में 10 बातें जो जानना है बहुत अहम
नई दिल्ली। रघुराम राजन के बाद आरबीआई का अगला गवर्नर कौन होगा?, यह सवाल बीते कई दिनों से लोगों के जेहन में था। कई नामों को लेकर कयासबाजी और तमाम तरह की अटकलों के बीच शनिवार को इसपर विराम लग गया जब आरबीआई के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल को नया गवर्नर घोषित कर दिया गया।

उर्जित पटेल होंगे नए आरबीआई गवर्नर, राजन की जगह लेंगे
वह आगामी 4 सितम्बर से अपना कार्यभार संभालेंगे। वह अगले 3 वर्षों तक सेवाएं देंगे। आइए जानते हैं उर्जित पटेल के बारे में कुछ प्रमुख बातें :
- वह आरबीआई के मौजूदा चार डिप्टी गर्वनरों में से एक हैं और फिलहाल मॉनेटरी पॉलिसी डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- वह इस पद पर 7 जुलाई 2013 से बने हुए हैं। उन्हें यूपीए सरकार ने यह जिम्मेदारी दी थी।
- उर्जित पटेल का जन्म 28 अक्टूबर 1963 को हुआ। उन्होंने लंदन स्कूल आॅफ इकोनॉमिक्स से बीए की डिग्री ली है। साथ ही आॅक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एम. फिल और येल यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पीएचडी की है।
- उर्जित पटेल ने वर्ष 1998 से 2001 तक भारत सरकार के ऊर्जा, आर्थिक मामलों से जुड़े विभागों में बतौर सलाहकार अपनी सेवाएं दी हैं।
- इंटरनेशनल मोनेट्री फंड यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में वह भारत, अमरीका, म्यांमार और बहामास आदि डेस्क पर 1990 से 1995 तक काम कर चुके हैं। अब शोभा डे ने किया पीवी सिंधु को लेकर ट्वीट, लोगों ने Twitter पर जमकर उड़ाया मजाक
- उर्जित पटेल के पास 20 वर्षों से अधिक का ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्त क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव है।
- डिप्टी गवर्नर बनने से पहले तक वह अमरीकन थिंक टैंक माने जाने वाले बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के सलाहकार थे।
- उर्जित पटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ भी काम कर चुके हैं। उन्होंने भारत की मुद्रास्फीति दर तय करने वाले पैनल में प्रमुख सलाहकार की भी भूमिका निभाई है।
- गुजरात पेट्रोलियम लिमिटेड और राष्ट्रीय आवास बैंक के निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के निदेशक भी रह चुके हैं।
- 1998 से 2001 के बीच वह वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में सलाहकार के तौर पर भी रहे थे।












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