कौन हैं वर्धा खान, UPSC टॉप-20 में शामिल एकमात्र मुस्लिम महिला, लाखों की नौकरी छोड़ देश सेवा का किया फैसला
UPSC CSE Topper Wardah Khan (AIR-18): यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद से उम्मीदवारों की सक्सेस स्टोरी की चर्चाएं सोशल मीडिया पर हो रही हैं। इन्ही सफल उम्मीदवारों में एक हैं, नोएडा की रहने वालीं 24 वर्षीय महिला वर्धा खान। ये यूपीएससी टॉप-20 में जगह बनाने वालीं एकमात्र मुस्लिम महिला उम्मीदवार हैं।

24 साल की उम्र में लाखों की नौकरी छोड़कर वर्धा खान ने खुद से तैयारी कर ये मुकाम हासिल किया है। वर्धा खान के पिता का भी निधन हो चुका है...वह अपनी मां के साथ रहती हैं। आइए जानें कौन हैं वर्धा खान और उनकी सक्सेस स्टोरी?
Who is Wardah Khan: कौन हैं वर्धा खान?
- उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली वर्धा खान ने 2023 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में AIR-18 लाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह वर्धा का दूसरा प्रयास था। वर्धा खान ने इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) को अपनी पहली प्राथमिकता के रूप में चुना है।
- मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली वर्धा खान की शुरुआती पढ़ाई उनके होमटाउन से हुई है। 2015 में अपने पिता के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बाद, वर्धा खान अपनी मां अफसर जहां के साथ, नोएडा में शिफ्ट हो गई थीं। फिलहाल वर्धा नोएडा सेक्टर-82 की विवेक विहार सोसायटी में रहती हैं।

- वर्धा की मां अफसर जहां केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक हैं। अफसर जहां ने वर्धा के पालन-पोषण और शैक्षणिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई है।
- पिता के निधन के बाद कई चुनौतियों के बावजूद वर्धा अपनी पढ़ाई फोकस रहीं। 10वीं कक्षा पूरी करने के बाद वर्धा ने कॉमर्स की पढ़ाई की और बाद में ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया। वर्धा ने खालसा कॉलेज से कॉमर्स (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया है।

लाखों की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ UPSC में सफलता हासिल की वर्धा खान ने
अपनी मां को आर्थिक रूप से सहयोग करने के लिए वर्धा खान ने एक कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी की। लेकिन वह शुरू से ही सिविल सेवा में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहती थीं। जिसके लिए उन्होंने लाखों की नौकरी छोड़ी और खुद को यूपीएससी की तैयारियों में झोंक दिया।
वर्धा खान कहती हैं, ''मैंने लगभग 8 महीनों तक कॉर्पोरेट फर्म में काम किया है। लेकिन उस काम में मेरा मन नहीं लग रहा था और ना ही मैं अपने काम से संतुष्ट थीं। मैं देश और समाज में कुछ भागीदारी देना चाहती थी। मैं देश सेवा करना चाहती थी। इसलिए फिर मुझे एहसास हुआ कि ऐसा करने के लिए मैं सिविल सेवा में जा सकती हूं। इसलिए मेरी रुची जागी।''

UPSC टॉप-20 में आने पर क्या बोलीं वर्धा खान
वर्धा खान ने कहा है, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं टॉप 20 में जगह बनाऊंगी। मैं बस (क्वालीफायर की) सूची में जगह बनाना चाहती थी। यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ा पल है। यह मेरा दूसरा प्रयास था। मैं 2021 से तैयारी कर रही हूं। यह निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण रास्ता है...लेकिन मेरे परिवार और दोस्तों ने मेरा बहुत समर्थन किया है।''
2022 में UPSC में फेल हो गई थीं वर्धा खान
वर्धा खान 2022 में अपने पहले प्रयास में प्रिलिम्स में ही फेल हो गई थीं। लेकिन वर्धा खान ने हार नहीं मानीं और अपनी कमियों का विश्लेषण किया और ज्यादा ध्यान लगाकर अपपी पढ़ाई पर फिर से फोकस किया।
वर्धा खान ने सोशल मीडिया के जरिए पिछले सफल उम्मीदवारों के नोट्स मांगे और उससे सीख ली। वर्धा खान हर दिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं।
यूपीएससी 2023 के परिणामों की घोषणा से वर्धा के परिवार और समुदाय में अपार खुशी हुई। जैसे ही उनकी उपलब्धि की खबर फैली, उनके घर में गर्व और जश्न का माहौल था। वर्धा की सफलता न केवल व्यक्तिगत जीत है, बल्कि उनके परिवार के लिए भी एक ऐतिहासिक पल है, क्योंकि वह यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली पहली लड़की बनी हैं।












Click it and Unblock the Notifications