UP News: भूमाफिया पर जीरो टॉलरेंस: मेजर की बीमार बेटी को 24 घंटे में मिला अपने मकान पर कब्जा
उत्तर प्रदेश के इंदिरा नगर में, राज्य सरकार ने 24 घंटे के भीतर जमीन हड़पने वालों से करोड़ों का बंगला वापस दिलाया, दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। यह मामला जमीन माफिया के प्रति जीरो टॉलरेंस दृष्टिकोण और सदमे और बीमारी से उबर रही एक सेना अधिकारी की बेटी को दिए गए समर्थन को उजागर करता है।
नए साल का पहला दिन एक मेजर की बेटी अंजना के लिए राहत और न्याय की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों पर महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इंदिरानगर स्थित करोड़ों रुपये के मकान पर अंजना को दोबारा कब्जा दिलाया और भूमाफिया को गिरफ्तार किया। यह मामला प्रदेश सरकार की भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है।

पिता और भाई-बहन को खोने के बाद सीजोफ्रेनिया से पीड़ित अंजना लंबे समय से रिहैब सेंटर में रह रही थीं। बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया था कि चंदौली निवासी बलराम यादव ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनके मकान पर अवैध कब्जा कर लिया है। मुख्यमंत्री से 24 घंटे के भीतर न्याय का भरोसा मिला और गुरुवार को दोपहर से पहले ही अंजना को उनका घर वापस मिल गया। घर में प्रवेश करते ही भावुक अंजना की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने कहा—"थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।"
अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे। इंदिरानगर में उनका ए-418 नंबर का मकान है। वर्ष 1994 में उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तीन संतानों में से बेटे और एक बेटी का निधन हो चुका है, जबकि अंजना ही एकमात्र जीवित सदस्य हैं। मानसिक बीमारी के चलते वर्ष 2016 में उन्हें निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस दौरान अंजना की असहाय स्थिति का फायदा उठाकर बलराम यादव और उसके साथी मनोज कुमार यादव ने मकान पर अपना नाम-पट्ट लगा दिया और फर्जी कागजातों के जरिए संपत्ति अपने नाम कराने की कोशिश की।
मकान पर अवैध कब्जे की जानकारी मिलने पर अंजना ने पहले 6 दिसंबर को स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। कार्रवाई में विलंब होने पर उन्होंने 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई। मुख्यमंत्री ने सैनिक की बेटी की बात को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई। जांच के बाद 24 घंटे के भीतर न केवल अंजना को मकान पर कब्जा दिलाया गया, बल्कि आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
घर में कदम रखते ही भावुक हुईं अंजना
पुलिस और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में गुरुवार को जब अंजना अपने घर में दाखिल हुईं, तो वे भावुक हो उठीं। उन्होंने घर के हर कमरे में जाकर दीवारों को छुआ, दीप जलाया, नारियल फोड़ा और पुष्प अर्पित किए। पड़ोसियों से गले लगकर उन्होंने बचपन की यादें साझा कीं। खुशी के आंसुओं के बीच उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कठिन समय में उन्हें सच्चा सहारा मिला।
दो आरोपी गिरफ्तार
एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू, निवासी ग्राम नारायणपुर, सैयदाराजा (चंदौली) और मनोज कुमार यादव, निवासी दाउदपुर, थाना कोतवाली (चंदौली) को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
यह मामला न सिर्फ एक पीड़िता को न्याय मिलने की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रदेश सरकार भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।












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