UP By-Poll-election: यूपी में क्या प्रियंका गांधी की महीनों की मेहनत पर फिर जाएगा पानी
यूपी में क्या प्रियंका गांधी की महीनों की मेहनत पर फिर जाएगा पानी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 3 नवंबर को सात विधानसभा सीटों पर वोट पड़े। यूपी के सात सीटों पर Exit Poll के मुताबिक योगी सरकार का दबदबा बरकरार है। इंडिया टुडे ग्रुप और एक्सिस माइ इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक UP उपचुनाव में बीजेपी को 37% वोट मिलने का अनुमान जताया है। चुनाव परिणाम तो 10 नवंबर को आएगा लेकिन Exit Poll के अनुसार यूपी के उपचुनाव में बीजेपी को 37 फीसदी वोट और सपा को 27 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। बीएसपी को 20 फीसदी और कांग्रेस को 8 फीसदी वोट मिले सकते हैं। सीटों की बात करें तो बीजेपी को 5-6 और सपा को 1-2 सीट मिलने का अनुमान है। Exit Poll की मानें तो कांग्रेस को महज 8 फीसदी वोट मिले हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस उपचुनाव में कांग्रेस की यूपी की कमान संभालने वाली गांधी परिवार की बेटी प्रियंका गांधी का कोई जादू नहीं चला, उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

कांग्रेस पर क्या नहीं बढ़ा जनता का विश्वास
हालांकि उपचुनाव में मुख्य लड़ाई भाजपा और समाजवाादी पार्टी के बीच थी लेकिन कांग्रेस को पड़े ये वोट बता रहें हैं कि कांग्रेस के प्रति लोगों का रुझान कैसा है। हालांकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के इस उप चुनाव में किसी भी चुनावी रैली में हिस्सा नहीं लिया लेकिन जब से वो महासचिव बनी हैं तब से यूपी में कांग्रेस में कई फेर बदल कर चुकी हैं। गांव हो या शहर प्रियंका गांधी कांग्रेस पार्टी में हो रहे सभी छोटे से बड़े निर्णय ले रही हैं। पर्दे के पीछे से ही उन्होंने उपचुनाव को देखा। यूपी की सात सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए सातों ऑब्जर्वरों को कांग्रेस ने उनकी जिम्मेदारी वाली विधानसभा सीटों के लिए भेज दिया था। ऑब्जर्वर चुनाव क्षेत्र में डेरा डाले रहे और उन्हें यह निर्देश दिया गया है कि जब तक चुनाव न हो जाएं उन्हें क्षेत्र में ही रहना होगा।
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प्रियंका का कोई वार क्या नहीं आएगा काम
2022 के विधानसभा चुनावों में प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की सत्ता से दो दशक से भी अधिक समय से दूर रही कांग्रेस को उसका खोया वजूद दिलाने में दिन रात एक की हुई हैं। कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए तैयारी के लिए काफी समय दे रही हैं। प्रियंका यूपी में बड़ी ही चलाकी से मुद्दे का चयन कर रही हैं। प्रियंका गांधी लगभग हर दिन योगी सरकार की कमजोर नस पकड़ कर बखियां उधेड़ने में जुटी रहती हैं।

प्रियंका के यूपी में ये प्रयोग हो रहे विफल
यूपी में उपचुनाव की घोषणा होते ही प्रियंका गांधी अपने भाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वाहवाही करने के साथ प्रवासियों के मुद्दे को उठाया और इसके बाद हाथरस में सामूहिक बलात्कार मामले को लेकर योगी सरकार पर जमकर हमला बोला यहां तक कि पीडि़त दलित परिवार के घर पहुंच कर कोरोना काल में उसको गले भी लगाया लेकिन इस चुनाव परिणाम में कांग्रेस को मिले वोट प्रतिशत से साफ हो रहा है कि प्रियंका गांधी के यूपी में ये पैतरे विफल साबित हो रहे हैं। वहीं कांग्रेस के कई बड़ी फेरबदल करने के कारण कांग्रेस के कई बड़े नेता नाराज भी चल रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस को यूपी में दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में अपना खोया अस्तित्व पाना दूर की कौड़ी लग रहा है।

यूपी में इन सात सीटों पर हुए हैं चुनाव
बता दें जिन सात सीटों पर उपचुनाव हुए उनमें दो सीटें सपा के पास थी और ये दो सीटें जौनपुर की मल्हनी और रामपुर की स्वार सीट हैं। बाकी छह सीटें बीजेपी के पास है। इनमें से दो सीटें प्रदेश सरकार के मंत्रियों के निधन से खाली हुई हैं। यूपी की इन सात सीटों पर चुनाव हुआ- वेस्टर्न यूपी- टूंडला (फिरोजाबाद), स्वार (रामपुर), बुलंदशहर, नौगांवा सादात (अमरोहा), सेंट्रल यूपी- घाटमपुर (कानपुर नगर), बांगरमऊ (उन्नाव), ईस्ट यूपी- मल्हनी (जौनपुर), देवरिया सदर।












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