यूपी बीजेपी का झगड़ा सुलझाने के लिए क्या RSS ने संभाला मोर्चा? लखनऊ से दिल्ली तक ये है तैयारी
UP NEWS: यूपी बीजेपी में लोकसभा चुनावों के परिणामों की वजह से मचे घमासान को शांत करने के लिए अब आरएएस और उससे जुड़े संगठन सक्रिय हो गए हैं। लोकसभा चुनावों में कथित तौर पर भाजपा नेताओं की ओर से उपेक्षा की वजह से संघ के नेताओं के नाराजगी की अटकलें लग रही थीं।
लेकिन, सबसे बड़े राज्य में बीजेपी को इस बार जिस तरह से इंडिया ब्लॉक ने पछाड़ा है, उससे लगता है कि संघ को भाजपा और यूपी सरकार के में जारी खींचतान को सुलझाने के लिए कूदना पड़ा है।

भाजपा नेताओं में मतभेद के बीच संघ हुआ सक्रिय!
आरएसएस के पदाधिकारियों के सक्रिय होने की जानकारी तब सामने आ रही है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच मतभेद के संकेत सार्विजनिक तौर पर सामने आए हैं। पिछले रविवार को बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में दोनों नेताओं की ओर से जो कुछ कहा गया, उससे ही दोनों में मतभेदों की बात सामने आईं थीं।
इसके फौरन बाद ही जब मौर्य दिल्ली में नड्डा से मिलने पहुंचे और उनके पीछे प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भी उनसे मुलाकात की तो इन दावों में और दम नजर आया। बाद में भूपेंद्र चौधरी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भी प्रदेश में भाजपा की सीटें कम होने के कारणों का हिसाब-किताब समझा आए थे।
सीएम योगी और डिप्टी सीएम मौर्य में मतभेद के मिले थे संकेत
बीजेपी की बैठक में सीएम योगी ने यूपी में भाजपा की सीटें कम होने की वजह जहां पार्टी के लोगों में 'अति-आत्मविश्वास' को बताया था। वहीं मौर्य ने 'संगठन सरकार से बड़ा है, था और रहेगा' कहकर इन अटकलों को सुलगाने का काम किया था कि भाजपा में अब हार की जिम्मेदारी सौंपने के लिए 'बलि का बकरा' तलाशा जा रहा है।
भाजपा में मतभेद को सुलझाने के लिए संघ के प्रचारक को मिली जिम्मेदारी!
इसी घमासान को देखते हुए कहा जा रहा है कि आरएसएस ने अपने पदाधिकारियों से कह दिया है कि वे जल्द से जल्द भाजपा में भड़कती चिनगारियों पर समय रहते पानी डालने की कोशिशों में जुट जाएं। जानकारी के मुताबिक पूर्वांचल के एक वरिष्ठ प्रचारक ने इस संबंध में मौर्य के आवास पर उनसे एक निजी मुलाकात भी की है।
माना जा रहा है कि पूर्वांचल में आरएसएस के एक वरिष्ठ प्रचारक यूपी भाजपा के बड़े नेताओं और योगी सरकार के कद्दावर मंत्रियों के साथ भी संपर्क में है। सूत्रों का कहना है कि संघ के प्रचारक ने पार्टी नेताओं से कहा है कि दल के व्यापक हित में मिलजुल कर काम करें।
वीएचपी के नेता भी भाजपा नेताओं को समझाने-बुझाने में जुटे
उधर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के बारे में भी सूचना है कि उन्होंने भाजपा नेताओं और सरकार के मंत्रियों से मुलाकात करके कहा है कि अपने मतभेदों को तुरंत खत्म करें और पार्टी की बेहतरी के काम पर दोबारा से जुट जाएं।
केशव प्रसाद मौर्य के नरम पड़ने लगे तेवर?
अगर यूपी बीजेपी की मौजूदा हालात को देखें तो पिछले कुछ दिनों में उपमुख्यमंत्री मौर्य के पहले वाले तेवरों में थोड़ी नरमी आई है। उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानदारों और कर्मचारियों के नाम लिखने के अपनी सरकार के फैसले की आलोचनाओं पर विपक्ष पर जोरदार निशाना भी साधा है।
दिल्ली में पीएम मोदी से मिल सकते हैं सीएम योगी
संघ से जुड़े नेता ऐसे समय में ज्यादा सक्रिय हुए हैं, जब अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली में पीएम मोदी, अमित शाह और नड्डा से मुलाकात की संभावना है। वे 27 जुलाई को नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक के लिए दिल्ली जाने वाले हैं।
इस दौरान उनके केंद्र सरकार और बीजेपी के इन बड़े नेताओं से मिलने की पूरी संभावना है। यूपी में बीजेपी को इस बार जिस तरह से लोकसभा चुनावों में 80 में से सिर्फ 33 सीटें मिली हैं, उसको देखते हुए और पार्टी के अंदर मचे घमासन की वजह से यह मुलाकात बहुत ही महत्वपूर्ण हो सकती है।
विधानसभा सत्र और उपचुनाव से अहम होगी मुलाकात
यही नहीं 29 जुलाई से यूपी विधानसभा का सत्र भी शुरू हो रहा है और प्रदेश में विधानसभा की 10 सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं, इस वजह से भी इन बैठकों की अहमियत काफी बढ़ गई है। उपचुनावों में पार्टी की तैयारियों की कमान तो खुद सीएम योगी ने संभाल रखी है और वह सभी सीटों पर बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने के मिशन पर लग चुके हैं।
ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में होने वाली भाजपा की गतिविधियां, यूपी में पार्टी के भविष्य की रणनीतियों का एक आधार बन सकती हैं। हालांकि, उपचुनाव से पहले कोई बड़े बदलाव की संभावना तो फिलहाल नहीं लग रही है; साथ ही उपचुनाव के परिणाम पर यह बहुत कुछ निर्भर करेगा कि परिवर्तन अगर होंगे तो वह कितना बड़ा है सकता है।












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