गौरी लंकेश पर ट्वीट कर फंसे मोदी के वरिष्ठ मंत्री, 'अपनों' ने ही किया ट्रोल
नई दिल्ली। केंद्रीय आईटी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद एक ट्वीट कर कहा था कि वो लोग जो हत्या पर खुशी मना रहे हैं वो गलत हैं। रविशंकर प्रसाद ने लिखा था 'मैं गौरी लंकेश की हत्या पर खुशहाली व्यक्त करने वाले सोशल मीडिया के संदेशों की निंदा करता हूं।' रविशंकर ने यह भी लिखा था कि किसी की हत्या पर खुशी व्यक्त करना शर्मनाक , अफसोसजनक और पूरी तरह से भारतीय परंपराओं के खिलाफ है। सोशल मीडिया इसके लिए नहीं है।'
यूं तो रविशंकर प्रसाद ने ऐसा कुछ ट्वीट नहीं किया था जो आपत्तिजनक था लेकिन ट्वीटर पर लोगों ने इन्हें ट्रोल कर दिया। ये वो लोग हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हैं। रविशंकर प्रसाद ने गौरी लंकेश की हत्या के बाद तीन ट्वीटस किए। तीन में से दो ट्वीट्स में उन्होंने उन लोगों की निंदा की थी, जिन्होंने लंकेश की हत्या का जश्न मनाया था।
इसके बाद रविशंकर को लोगों ने ट्रोल कर दिया।

कैलाश वाघ नाम के यूजर ने साल 2013 लेकर अब तक मारे गए पत्रकारों की सूची ट्वीट कर रविशंकर प्रसाद से पूछा कि यह चयनित निंदा क्यों कर रहे हैं?

सत्य साधक नाम की यूजर ने लिखा 'सर क्या आप उन संघ के कार्यकर्ताओं की हत्या पर कुछ कहेंगे जो पत्रकार नहीं थे लेकिन अच्छे लोग थे और अपना जीवन नरेंद्र मोदी की वजह से देश को दे रहे थे।'

चिरंजीवी नाम के यूजर ने लिखा है कि वो शख्स जो लोकसभा चुनाव नहीं जीत सकता, वो भाजपा और संघ के कई कार्यकर्ताओं के प्राणों की आहुति के कारण सत्ता का सुख भोग रहा है।
प्रवीण रस्तोगी नाम के यूजर ने लिखा है- अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं,
सिर कटा सकते हैं लेकिन झुका सकते नहीं,
सोशल मीडिया किसी के बाप की जागीर नहीं है।

रमेश नाम के यूजर ने लिखा है- क्या आप तब भी यह ट्वीट करते हैं जब संघ कार्यकर्ता मारे जाते हैं। कृप्या अपना ट्वीट चेक करें जो लोग आपका उत्साह बढ़ा रहे हैं। ये आत्मसमर्पण कहलाता है।
अरनाज ने लिखा है क्या आपका ट्वीट इन लोगों की ओर से की गई ट्वीट की भरपाई है।

अरनब गोस्वामी नाम के यूजन ने लिखा है कि मैं पूरी तरह से सहमत हूं, और उम्मीद करता हूं कि आप तब भी ऐसा ही कहेंगे जब लेफ्ट की ओर से संघ कार्यकर्ताओं के मारे जाने पर भी लिखेंगे।
भव्या ने लिखा है कि इनमें से कई बेवकूफ पीएम सर फॉलो करते हैं। आपको इसकी भी निंदा करनी चाहिए जो पीएम उनका उत्साह वर्धन कर रहे हैं।

पत्रकार राहुल देव ने लिखा है साधुवाद रविशंकर दी, स्पष्ट, 2 टूक।
मनजीत बग्गा ने लिखा है कि सोशल मीडिया आपके लिए इतना काम करता है और आप इन्हें ऐसा सम्मान दे रहे हैं?

एक अन्य एकाउंट से लिखा गया है कि जेएनयू हमारे जवानों की मौत का जश्न मनाता है। आप क्या एक्शन लेते हैं? यहां ज्ञान मत दीजिए।












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