'उन्हें अपनी मानसिक स्थिरता की जांच कराने के लिए कहें', राहुल गांधी के बयान पर हरदीप पुरी का तीखा हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला करने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पलटवार करते हुए उनकी मानसिक स्थिरता पर सवाल खड़ा किया। पुरी ने कहा कि उनसे कहो कि वे जाकर अपनी मानसिक स्थिरता की जांच करवाएं। यह बयान गांधी द्वारा कांग्रेस के नए मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन पर भाजपा और आरएसएस पर लगाए गए आरोपों के जवाब में आया है। गांधी ने भाजपा पर भारतीय संस्थानों को नियंत्रित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया था।
गांधी का भाजपा-आरएसएस पर आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भाजपा और आरएसएस के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं है। बल्कि यह एक व्यापक वैचारिक लड़ाई है। भाजपा और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हम भाजपा, आरएसएस और भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ रहे हैं। गांधी ने यह भी कहा कि यह लड़ाई निष्पक्ष नहीं है और दावा किया कि सत्तारूढ़ दल ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है।

अल्पसंख्यकों पर दमन का आरोप
राहुल गांधी ने भाजपा पर अल्पसंख्यकों और हाशिए पर पड़े समुदायों की आवाज़ दबाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि भारत को एक व्यक्ति चलाए और दलितों, आदिवासियों, पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यकों की आवाज़ को कुचल दिया जाए। यह उनका एजेंडा है। गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जबकि सत्तारूढ़ दल का दृष्टिकोण भारत की विविधता और समावेशिता के खिलाफ है।
मीडिया और संस्थानों पर टिप्पणी
राहुल गांधी ने मौजूदा मीडिया और संस्थानों की स्वायत्तता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि हमारी संस्थाएं काम कर रही हैं या नहीं। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि मीडिया अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रहा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में संस्थागत स्वायत्तता और लोकतांत्रिक संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
हरदीप पुरी का तीखा पलटवार
राहुल गांधी के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप पुरी ने गांधी की मानसिक स्थिरता पर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस नेता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें पहले अपना मानसिक स्वास्थ्य जांचने की जरूरत है। पुरी का यह बयान भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। पुरी ने गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ऐसी असत्य बातें करते हैं। उन्हें पहले खुद की स्थिति पर विचार करना चाहिए।
Tell him to get his mental stability checked, Hardeep Puri responds to Rahuls "fighting Indian state" comment
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— ANI Digital (@ani_digital) January 15, 2025
भारत की परिकल्पना पर गांधी का बयान
राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ दल और कांग्रेस के दृष्टिकोण में अंतर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज जो लोग सत्ता में हैं। वे तिरंगे को सलाम नहीं करते, संविधान में विश्वास नहीं करते और भारत के विचार को कमजोर करने में लगे हैं। हमारा दृष्टिकोण उनसे बिल्कुल अलग है। गांधी ने तिरंगे और संविधान को अपनी पार्टी की विचारधारा का केंद्र बताया।
भाजपा-कांग्रेस के बीच वैचारिक संघर्ष
हरदीप पुरी के बयान और राहुल गांधी के आरोप भारत में सत्तारूढ़ दल और विपक्षी पार्टी के बीच गहरे वैचारिक मतभेद को उजागर करते हैं। यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं। बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, संस्थानों और समावेशी नजरिए की परिकल्पना से जुड़ा हुआ है।
जैसे-जैसे 2024 के चुनाव नजदीक आ रहे हैं भाजपा और कांग्रेस के बीच यह वैचारिक और राजनीतिक टकराव भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।












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