Sharad Pawar का तीखा हमला- पढ़े-लिखे युवाओं के पास नौकरी का अभाव, बेरोजगारी के कारण दुल्हन नहीं मिल रही
NCP चीफ शरद पवार ने कहा कि शिक्षित युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। नौकरी के अभाव में वे 15-20 ऐसे बेरोजगार युवाओं से मिले हैं, जिनकी शादी नहीं हो रही है।

Sharad Pawar ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि युवा लड़कों को नौकरी के अभाव में दुल्हनें नहीं मिल रही हैं। बता दें कि शरद पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख हैं और भाजपा की नीतियों पर अक्सर हमले करते रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में पवार ने कहा कि वे ऐसे 15-20 युवाओं से मिल चुके हैं जिन्होंने शिक्षा तो हासिल की है, लेकिन उनके पास नौकरी नहीं है। नौकरी न होने के कारण इन लोगों की शादियां नहीं हो रही हैं।
नौकरी के अवसरों की कमी
दरअसल, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने बेरोजगारी को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों पर हमला किया। बुधवार को 'जन जाग यात्रा' अभियान को हरी झंडी दिखाने से पहले पुणे में पवार ने कहा कि नौकरी के अवसरों की कमी विवाह योग्य युवा पुरुषों के लिए सामाजिक मुद्दे पैदा कर रही है क्योंकि उन्हें दुल्हन नहीं मिल रही है।
ग्रैजुएशन और एमए के बावजूद नौकरी नहीं
वयोवृद्ध राजनेता ने एक घटना का वर्णन करते हुए कहा, एक बार यात्रा करते समय, वह 25 से 30 वर्ष की आयु के 15-20 पुरुषों के संपर्क में आए। सभी युवा गांव के एक सार्वजनिक चौराहे पर खाली बैठे थे। मैंने उनसे पूछा कि वे कितने पढ़े-लिखे हैं ? किसी ने बताया कि वे स्नातक पास हैं, तो किसी ने कहा कि वे एमए डिग्री होल्डर यानी स्नातकोत्तर पास हैं। शादी के सवाल पर सभी ने नकारात्मक जवाब दिया।
नौकरी नहीं इसलिए दुल्हन नहीं मिल रही
बकौल पवार, जब मैंने पूछा कि क्या सभी लड़के शादीशुदा हैं, पुरुषों ने जवाब दिया कि कोई भी उन्हें दुल्हन देने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि उनके पास कोई नौकरी नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में ज्यादा हैं। पवार ने नौकरी के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को अपनाने के बजाय समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने के लिए भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के लिए कुछ मुद्दे बेतरतीब ढंग से बनाए जाते हैं। वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्योंकि वे चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाए हैं।
उद्योगों को प्रोत्साहन नहीं, बेरोजगारी की मार दोगुनी
राकांपा सुप्रीमो ने महाराष्ट्र से दूसरे भाजपा शासित राज्यों में गईं बड़ी परियोजनाओं के मुद्दे पर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा उद्योगों को कोई प्रोत्साहन नहीं मिलना बेरोजगारी की मार को दोगुना कर रहा है। भाजपा पर पवार के हमले का संदर्भ ये है कि पिछले साल महाराष्ट्र से पांच बड़ी परियोजनाएं दूसरे राज्यों में चली गईं। इन राज्यों में बीजेपी की सरकार है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार गिरने के बाद सीएम बने एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना-बीजेपी सरकार पर विपक्ष हमले कर रहा है। इसके बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शिंदे गुट के बीच खाई चौड़ी हो गई है।
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कौन से प्रोजेक्ट दूसरे राज्यों में चले गए
बता दें कि महाराष्ट्र में बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों को समर्पित मैनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना होनी थी। ये प्रोजेक्ट भाजपा शासित मध्य प्रदेश चला गया। इसके अलावा ₹ 1.5 लाख करोड़ की फॉक्सकॉन-वेदांत, ₹22,000 करोड़ टाटा एयरबस, मेडिकल ड्रग पार्क और बल्क ड्रग्स पार्क परियोजनाएं भी दूसरे भाजपा शासित राज्य गुजरात में शिफ्ट हो गईं। इन फैसलों को लेकर विपक्ष का आरोप है कि महाराष्ट्र को आर्थिक रूप से कमजोर बनाया जा रहा है।












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