इंडियन आर्मी पर पाकिस्तान के एक झूठ से यूनाइटेड नेशंस ने उठाया पर्दा
पाकिस्तान ने कहा था कि भारतीय सेना की ओर से पीओके में हुई फायरिंग से यूनाइटेड नेशंस (यूएन) के मिलिट्री ऑब्जर्वर्स हुए थे घायल। यूएन का कहना कि इस बात के कोई सुबूत नहीं मिले।
नई दिल्ली। यूनाइटेड नेशंस (यूएन) ने पाकिस्तान की ओर से बोले गए एक झूठ की पोल खोल कर रख दी है। यूएन ने पाकिस्तान के उस दावे को खारिज कर दिया है कि इंडियन आर्मी की ओर से यूएन के मिलिट्री ऑब्जर्वर्स ग्रुप पर हमला किया गया है।

भारत की ओर से नहीं हुआ कोई हमला
यूएन के महासचिव एंटोनिया गुटारेश के प्रवक्ता स्टीफन ड्यूजारिक ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि इस बात के कोई सुबूत नहीं हैं कि भारत की ओर से भारत और पाकिस्तान के लिए बने यूएन मिलिट्री ऑब्जर्वर्स यानी यूएनएमओजीआईपी पर किसी तरह का कोई हमला हुआ है। यूएन ने इस बात से साफ इंकार कर दिया है कि एलओसी पर इंडियन आर्मी की ओर से हुए किसी हमले में ऑब्जर्वर्स प्रभावित हुए हैं। बुधवार को पाकिस्तान ने इस तरह का एक दावा किया था। पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की ओर से कहा गया था कि एक गाड़ी, जिसमें यूएनएमओजीआईपी के दो मेजर, फिलीपींस के मेजर इमैनुएल और क्रोएशिया के मेजर मिरको सवार थे, उस पर एलओसी पर भारत की तरफ से हमला किया गया। यह हमला उस समय हुआ जब वे पीओके पर एलओसी के दौरे पर निकले थे।
पाकिस्तान ने बोला था झूठ
ड्यूजारिक ने कहा, 'पीओके में इस दोपहर भीमबेर जिले में जब यूएनएमओजीआईपी के दो मिलिट्री ऑब्जर्वर्स मौजूद थे तो यहां पर गनशॉट्स सुने गए। लेकिन इस बात के कोई भी सुबूत नहीं हैं कि ऑब्जर्वर्स को निशाना बनाया गया। कोई भी ऑब्जर्वर्स इस दौरान जख्मी नहीं हुआ है।' वहीं आईएसपीओर ने बयान में कहा था, 'इंडियन आर्मी की ओर से युद्धविराम तोड़ा गया है और एलओसी के खंजर सेक्टर में यूएनएमओजीआईपी की गाड़ी को निशाना बनाया गया है जबकि उस पर प्रक्रिया के तहत नीला झंडा भी लगा हुआ था।' पाकिस्तान की मीडिया ने इस रिपोर्ट को तब जारी किया जब सियाचिन में पाकिस्तान एयरफोर्स के दो जेट्स के उड़ान भरने का दावा किया गया था। हालांकि भारत की ओर से साफ कर दिया गया कि सियाचिन में किसी भी तरह को कोई एयरस्पेस वॉयलेशन नहीं हुआ है।












Click it and Unblock the Notifications