‘पाकिस्तान भारत के लिए चुनौती नहीं', उमा भारती के बयान से सियासत गरम, हिंदू राष्ट्र और लव जिहाद पर क्या कहा?
Uma Bharti News: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने शनिवार (22 नवंबर) को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर बेबाक राय रखी। बयान इतने तीखे और विवादित थे कि कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। पाकिस्तान से लेकर हिंदू राष्ट्र और लव जिहाद से लेकर शराबबंदी तक-उमा भारती ने हर संवेदनशील विषय पर खुलकर बोलते हुए सरकार और समाज दोनों को आईना दिखाया।
पाकिस्तान नहीं, भ्रष्टाचार भारत की असली चुनौती
उमा भारती ने सबसे पहले भारत की चुनौतियों पर बात की और साफ कहा कि पाकिस्तान भारत का मुद्दा ही नहीं है। उनके मुताबिक देश की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार और आर्थिक असमानता है। उन्होंने कहा कि मुहम्मद गौरी से लेकर महमूद के समय तक देश की हालात जैसी थी, वैसी कई चुनौतियां आज भी मौजूद हैं। इसलिए सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में पूरी तरह बदलाव लाने के लिए कम से कम 25 से 30 साल का समय देना होगा।

🔵 'लव जिहाद लोकतांत्रिक भारत में देशद्रोह जैसा अपराध'
उमा भारती ने सबसे ज्यादा कड़े शब्द लव जिहाद पर बोले। उन्होंने कहा कि अगर कोई युवक धर्म छुपाकर लड़की से मिलता है और शादी के बाद धर्म बदलवाने का दबाव डालता है, तो यह सीधा अपराध है।
उमा भारती ने स्पष्ट कहा कि उन्हें इंटरकास्ट मैरिज से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन धर्मांतरण के लिए धोखे से की गई शादी लोकतांत्रिक भारत में देशद्रोह की श्रेणी में आनी चाहिए।
🔵 'भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है' सेक्युलरिज्म इसी से जीवित है
हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर बोलते हुए उमा भारती ने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारत पहले से ही एक हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का मतलब किसी एक धर्म को थोपना नहीं है, बल्कि विविधता में एकता को स्वीकार करना है।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में हजारों वर्षों से अनेक देवी-देवताओं और पूजा पद्धतियों को स्वीकार किया गया है। इस सहिष्णुता की वजह से ही भारत आज भी एक सेक्युलर देश है। उमा भारती ने कहा,"जिस दिन भारत हिंदू राष्ट्र रहना बंद कर देगा, उसी दिन इसका सेक्युलर स्वरूप भी खत्म हो जाएगा।"
🔵 धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता वाली बात पर भी टिप्पणी
उन्होंने कहा, ''धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी पदयात्रा के दौरान हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र के विचार के बारे में बात की। मैंने इसमें अपने विचार जोड़े हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र बनने की जरूरत नहीं है, यह पहले से ही एक है, जिसे ऐतिहासिक रूप से 'आर्यावर्त' या वैदिक भूमि के रूप में जाना जाता है, और इसका नाम सदियों से बदल रहा है। लोगों को अपने अंदर इस सच्चाई को पहचानना होगा। भारत सेक्युलर है क्योंकि यह एक हिंदू राष्ट्र है। जिस दिन यह एक होना बंद कर देगा, यह सेक्युलर होना बंद कर देगा।"
🔵 'विकास के नाम पर गाय, नदी, जंगल और पहाड़ों को नुकसान'
उमा भारती ने पर्यावरण और परंपरा पर भी सरकारों को चेताया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर गायों की उपेक्षा, नदियों का क्षरण, जंगलों की कटाई और पहाड़ों का विनाश हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश को यह समझना होगा कि बिना प्रकृति को बचाए विकास टिकाऊ नहीं हो सकता।
🔵 शराबबंदी की वकालत-'समाज इस दिशा में आगे बढ़ रहा है'
उमा भारती ने एक बार फिर शराबबंदी पर जोर देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज अब इस दिशा में आगे बढ़ रहा है और पूरी तरह शराबबंदी लागू होना समय की जरूरत है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उमा भारती ने सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित लैंड पूलिंग योजना को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसी परंपरागत धार्मिक आयोजन में किसी नई परंपरा की जरूरत नहीं है। किसानों और संघ की मांगों को भी उन्होंने जायज बताते हुए सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की।
🔵 मोहन यादव सरकार के दो साल पर भी टिप्पणी
उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के दो साल के कार्यकाल को लेकर कहा कि सरकार को समाज की पारंपरिक भावनाओं, पर्यावरण और सांस्कृतिक मूल्यों को ज़्यादा महत्व देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कई काम कर रही है, लेकिन जमीन पर उसके असर और लोगों की भावनाओं को समझना जरूरी है।












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