Jammu Kashmir DDC Election को लेकर उमर अब्दुल्ला का बड़ा आरोप, नतीजों के बाद अफसरों को परेशान किया जा रहा है
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां हुए जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों में अवाम ने कई मिथक तोड़ दिए हैं। डीडीसी चुनाव में बीजेपी ने 74 सीटों पर जीतकर दर्ज की है जबकि साथ स्थानीय पार्टियों के गुपकार गठबंधन को 112 सीटें मिली हैं। बीजेपी भले ही डीडीसी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में नेशनल कॉन्फ्रेंस सबसे बेहतर रही है और दूसरे नंबर पर पीडीपी रही।

रिजल्ट के ऐलान के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया था। हमारी पार्टी की एक महिला जो शोपियां में चुनाव जीती थी, को अपणी पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था। हमारे पास इसे साबित करने के लिए एक फोन रिकॉर्डिंग है। उन्होंने डीडीसी चुनावों का जिक्र करते हुए कहा 'पीएम ने आज कहा कि लोकतंत्र की जीत हुई है लेकिन सरकार ने शोपियां में चुनाव लड़ने वालों को परेशान करना शुरू कर दिया है। उन्हें बिना किसी कारण के निवारक नजरबंदी में रखा जा रहा है।
इसके साथ ही उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हुकूमत के कुछ अफसरों ने नतीजे निकलने के बाद गिरफ़्तारियां और धमकियां शुरू की हैं. मकसद सिर्फ यही है कि कश्मीर प्रोविज़न के जिन ज़िलों में रिजल्ट को तबदील कर सकते हैं और डीडीसी चेयरमैन गुपकार अलायंस को छोड़कर दूसरी पार्टी का बना सकते हैं, वहां जोर-शोर से ये काम चल रहा है।" अपने एक और ट्वीट में उन्होंने कहा था, "सत्ता पक्ष और उनकी कठपुतलियों के साथ फायदे की खातिर पक्षपातपूर्ण राजनीति करने के लिए इस प्रशासन को शर्म आनी चाहिए। ये पार्टियां सीटें नहीं जीत सकीं, इसलिए अब वे संख्या बढ़ाने के लिए धन, बाहुबल, धमकी और सरकारी दबाव का इस्तेमाल कर रही हैं।''












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