पंजाब: दो सहेलियों ने किया ऐसा काम, जिसकी अक्षय कुमार भी कर रहे हैं तारीफ

जालंधर। बॉलीवुड में ऐसी फिल्में आती रही है जो लोगो को जागरूक करती रहती है। कुछ इस तरह ही जालंधर की रहने वाली दो सहेलियों को अक्षय कुमार की फिल्‍म 'पैडमैन' इस कदर भा गई कि उन्‍होंने 'पैडगैंग' बना लिया। उनके प्रयासों को जहां हर ओर सराहा गया, वहीं खुद अक्षय कुमार भी उनके कायल हो गये। अक्षय कुमार ने पैडगैंग जैसी मुहिम को अपनी फिल्‍म की असली कामयाबी बताया है।

जानकारी के अनुसार, जालंधर की रहने वाली दो सहेलियां जाह्नवी सिंह और लावण्या जैन ने अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन देखी तो उन्हें गरीब लड़कियों और महिलाओं की समस्या का अहसास हुआ और उन्होंने भी कुछ करने की ठानी। इसके बाद समर वेकेशन में समय का सदुपयोग करते हुए दोनों ने अपने अन्य दोस्तों संग मिलकर 'पैड गैंग' बनाया और करीब पांच हजार पैड बनाकर स्लम एरिया की महिलाओं में बांटे। इसके बाद इस मुहिम में उनके कई दोस्त जुड़ गए। उनके गैंग में लगातार नए सदस्य आ रहे हैं और उनका कारवां बढ़ रहा है।

अक्की ने ट्वीट पर की पैड गैंग की तारीफ

अक्की ने ट्वीट पर की पैड गैंग की तारीफ

इस पैडगैंग के बारे में अक्षय कुमार को जानकारी मिली तो वह भी इसकी सराहना किए बिना नहीं रह सके। अक्षय कुमार ने पैड गैंग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की खबर पढ़कर फेसबुक व ट्विटर पर जाह्नवी सिंह व लावन्या जैन के काम की जमकर सराहना की। अक्की ने अपने वॉल पर लिखा है, ‘अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि तुम ‘पैडमैन', ‘टॉयलेट' जैसी फिल्में क्यों बनाते हो, जबाव यहां (पैड गैंग के रूप में) है। यही फिल्मों की ताकत है।

फिल्म ‘पैडमैन’ से मिली प्रेरणा

फिल्म ‘पैडमैन’ से मिली प्रेरणा

अक्षय कुमार ने पैडगैंग जैसी मुहिम को अपनी फिल्म की असली कामयाबी बताया है। बॉलीवुड के ‘पैडमैन' अक्षय कुमार ने 15 साल की जाह्नवी सिंह और 17 साल की लावण्या जैन द्वारा घर पर पैड तैयार कर जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने की मुहिम की सराहना करते हुए ट्वीट भी किया है। जाह्नवी ने बताया कि वह देहरादून के वेलन गलर्स स्कूल में दसवीं की छात्रा हैं। वहां हॉस्टल में रहती हैं। जाह्नवी ने कहा कि वह अपने 'पैडगैंग' का काम को अन्य राज्यों तक पहुंचाना चाहती है। अब वह अपने क्लासमेट्स व स्कूल के अन्य स्टूडेंट्स के माध्यम से दूसरे प्रदेशों में भी पिछड़े वर्ग की महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करेंगी।

दूसरे प्रदेशों में भी 'पैडगैंग' पहुंचाने की कोशिश

दूसरे प्रदेशों में भी 'पैडगैंग' पहुंचाने की कोशिश

जाह्नवी ने कहा कि इसके लिए वह अपने दोस्तों व स्कूल के इच्छुक बच्चों को साथ लेकर इस अभियान से जोड़ दूसरे प्रदेशों में भी 'पैडगैंग' को पहुंचाएंगी। स्टूडेंट्स को पहले स्कूल में पैड बनाना सिखाया जाएगा। जबकि लावण्य जालंधर में ही जाह्नवी के घर पर उनकी मां रीति सिंह के साथ वर्कशाप में पैड तैयार करवा इस कारवां को आगे बढ़ाएंगी। जाह्नवी का कहना है, ‘पैडमैन' मूवी देखने के बाद मेरे दिल में आया कि समाज के लिए कुछ किया जाए और सबसे पहले मैंने अपनी मां रीति सिंह से बात की। उसके बाद अपनी दोस्त लावण्या से बात की। लावण्या जालंधर की मायर वलर्ड स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती है।

पैड वितरित कर करती हैं जरूरतमंदों की सहायता

पैड वितरित कर करती हैं जरूरतमंदों की सहायता

दोनों सहेलियों ने फिर फैसला लिया कि क्यों न वे भी ‘पैडमैन' की तरह पैड वितरित कर जरूरतमंदों की सहायता करें। डॉ. नंदा ने बताया कि अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिलाओं को सिंथैटिक चीजों से दूर रखते हैं और उन्हें स्वयं तैयार किए गए सैनेटरी पैड इस्तेमाल करने को देते हैं। वे बहुत सस्ते भी पड़ते हैं। जाह्नवी व लावण्या डॉ. ऋतु नंदा से पैड तैयार करने का प्रशिक्षण लिया और फिर दो रुपये प्रति पैड की लागत से अब तक पांच हजार पैड अपने पैडगैंग के साथ तैयार कर स्लम एरिया की महिलाओं में बांट चुकी हैं।

गैंग में लड़के भी शामिल

गैंग में लड़के भी शामिल

उन्होंने बताया कि वे सेनेटरी पैड बनाने और उनका पैकेट बनाने में प्लास्टिक और पॉलिथीन का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करती हैं। वे 10 सेनेटरी नेपकिन का पैक पुराने अखबार के टुकड़े से बनाती हैं। और फिर स्लम व गरीब लोगों की बस्तियों में बांटती हैं। जाह्नवी व लावण्या के 'पैडगैंग' में अब तक 20 सदस्य जुड़ चुके हैं। दोनों सहेलियां कहती हैं, ‘पीरियड्स' के विषय को समाज में एक टैबू माना जाता है, लोग इस सामान्य शारीरिक प्रक्रिया पर बात करने में भी शर्मिंदगी महसूस करते हैं। इस सोच को बदलने के लिए इस गैंग ने ‘स्टॉप द स्पोट' कैंपेन के अंतर्गत लोगों को जागरुक करने के साथ-साथ लडक़ों को भी इस अभियान में शामिल किया है। सोशल मीडिया पर इस काम की खूब वाहवाही हो रही है। उनके इस काम को अक्षय कुमार की 'पैडमैन' वाली फोटो के साथ जोडक़र खूब शेयर भी किया जा रहा है।

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