Agnipath Scheme Protest : बीजेपी के दो सहयोगियों ने भी की 'अग्निपथ' पर पुनर्विचार की मांग, किसने क्या कहा ?
नई दिल्ली, 17 जून: केंद्र सरकार की ओर से सेना में भर्ती की नई योजना 'अग्निपथ' के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। बिहार के बाद यूपी से फैली आग देश के कई और राज्यों तक पहुंच गई है। इस बीच भाजपा के दो प्रमुख सहयोगियों ने भी सेना के उम्मीदवारों का समर्थन किया है और केंद्र से नई योजना पर पुनर्विचार करने को कहा है। बिहार में बीजेपी की सहयोगी जद (यू) ने कहा है कि इस योजना के तहत युवाओं में भविष्य के अंधकारमय होने का डर दिख रहा है और सरकार को इस योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए। उधर, पंजाब में भाजपा के एक अन्य सहयोगी, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी सरकार से योजना की समीक्षा करने को कहा है।

Recommended Video
ललन सिंह ने कहा- केंद्र को पुनर्विचार करना चाहिए
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि अग्निपथ योजना के निर्णय से बिहार सहित देशभर के नौजवानों, युवाओं एवं छात्रों के मन में असंतोष, निराशा व अंधकारमय भविष्य (बेरोजगारी) का डर स्पष्ट दिखने लगा है। केंद्र सरकार को अग्निवीर योजना पर अविलंब पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि यह निर्णय देश की रक्षा व सुरक्षा से भी जुड़ा है। इससे पहले जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को 'अग्निपथ' योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र को इस योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए। कुशवाहा ने ट्वीट किया कि भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना की भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलावों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
अमरिंदर सिंह ने भी सरकार से योजना की समीक्षा करने को कहा
उधर, पंजाब में भाजपा के एक अन्य सहयोगी, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी सरकार से योजना की समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि एक पेशेवर सेना के लिए नई योजना व्यावहारिक नहीं है, और चार साल के लिए सैनिकों को काम पर रखना सैन्य रूप से अच्छा विचार नहीं है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि एक सैनिक के लिए चार साल की सेवा बहुत कम है और नई भर्ती योजना रेजिमेंट के लंबे समय से मौजूद विशिष्ट लोकाचार को कमजोर कर देगी।












Click it and Unblock the Notifications