गुना सीट पर खास ट्विस्ट, सिंधिया को समर्थन देने वाले बीएसपी उम्मीदवार को मिल गए इतने हजार वोट
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में जहां एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं कांग्रेस पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। यही ही नहीं इस चुनाव में 'मोदी लहर' ऐसी चली कई कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी अपनी सीट नहीं बचा सके। इनमें दिग्गज कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुना लोकसभा सीट भी शामिल है। इस सीट पर ज्योतिरादित्य लगातार जीतते आ रहे थे, हालांकि 2019 में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। उनकी इस हार के बीच गुना सीट को लेकर बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है। हुआ यूं कि गुना सीट से बीएसपी ने जिसे उम्मीदवार बनाया था उन्होंने मतदान से कुछ दिन पहले ही पाला बदलते हुए कांग्रेस के समर्थन का ऐलान कर दिया था, बावजूद इसके चुनाव नतीजे आने पर इस उम्मीदवार को 37 हजार 530 वोट मिल गए।

लोकेंद्र सिंह धाकड़ ने वोटिंग से पहले किया था ज्योतिरादित्य का समर्थन
दरअसल, मध्य प्रदेश की गुना सीट से बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने लोकेंद्र सिंह धाकड़ को अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन, गुना सीट पर नामांकन वापस लेने की तारीख के बाद और मतदान से ठीक पहले बीएसपी उम्मीदवार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना समर्थन देना का ऐलान कर दिया। लोकेंद्र सिंह धाकड़ ने कहा, "वो ज्योतिरादित्य सिंधिया से काफी प्रभावित हैं और उनके लिए काम करना चाहते हैं। तभी से उन्होंने सिंधिया के लिए वोट मांगना शुरू कर दिया।"

धाकड़ के पाला बदलने पर मायावती ने जताई थी नाराजगी
बीएसपी उम्मीदवार के अचानक लिए गए इस फैसले पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने नाराजगी भी जताई थी। यही नहीं उन्होंने मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार ने उनके आधिकारिक उम्मीदवार पर पीछे हटने के लिए दबाव बनाया। यही नहीं मायावती ने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार से समर्थन वापसी की भी धमकी दी थी। हालांकि, नामांकन की तारीख गुजरने के बाद मायावती के पास दूसरे उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने का रास्ता नहीं बचा था, ऐसे में बीएसपी अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील में कहा कि वो सिर्फ उन उम्मीदवारों का समर्थन करें, जो पार्टी के चुनाव चिन्ह पर उम्मीदवारी कर रहे हैं।

सिंधिया को समर्थन के बावजूद धाकड़ को मिले 37 हजार 530 वोट
दूसरी ओर गुना सीट पर बीएसपी के उम्मीदवार लोकेंद्र सिंह धाकड़ ने भले ही वोटिंग से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थन कर दिया था, लेकिन तब तक नामांकन वापस लेने की तारीख निकल चुकी थी। ऐसे में बीएसपी उम्मीदवार के तौर पर उनका नामांकन रहने की वजह से धाकड़ को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी करनी पड़ी। चुनाव पूरे होने के बाद जब वोटों की गिनती हुई तो पता चला कि बीएसपी छोड़ चुके धाकड़ को 37 हजार 530 वोट मिले। वहीं नतीजों पर धाकड़ ने कहा कि मैंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थन किया लेकिन बीएसपी के मतदाताओं ने अपने चुनाव चिन्ह को समर्थन किया।

कृष्ण पाल सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को 1,25,549 वोटों से हराया
बता दें कि गुना लोकसभा सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी के कृष्ण पाल सिंह उर्फ केपी यादव ने हराया। कृष्णपाल सिंह उर्फ केपी यादव को यहां पर कुल 6 लाख 14 हजार 49 वोट मिले हैं। वहीं दूसरे स्थान पर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस चुनाव में महज 4 लाख 88 हजार 500 वोट मिल सके। वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी उम्मीदवार को 52.11 फीसदी वोट मिले हैं जबकि कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में 41.45 फीसदी मत पड़े। इस तरह कृष्ण पाल सिंह ने ज्योतिरादित्य को 1 लाख 25 हजार 549 वोटों से हराया।
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