#RKNagarElectionResult: दिनाकरन की जीत का ये होगा असर

चेन्नई। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) की मुखिया और राज्य के मुख्यमंत्री रहीं दिवंगत जयललिता जयरामन की परंपरागत सीट आर के नगर के परिणाम आ गए हैं। यहां बतौर निर्दलीय प्रत्याशी टीटीवी दिनाकरन चुनाव जीत गए हैं। चुनाव जीतने के बाद पत्रकारों से दिनाकरन ने कहा कि अगले 3 महीने में राज्य की सरकार गिर जाएगी। इस चुनाव से सत्तारुढ़ AIADMK के साथ ही अन्य विपक्षी दलों की भी दशा दिशा तय होनी थी। ऐसे में दिनाकरन की जीत से AIADMK को करारा झटका लगा है। बता दें कि दिनाकरन, शशिकला गुट के हैं। उन्होंने लगभग 40,707 वोटों से जीत दर्ज की।

उत्तराधिकार की लड़ाई जारी
दरअसल, AIADMK में फूट पड़ने के बाद से ही शशिकला खेमा और OPS-EPS गुट में उत्तराधिकार की लड़ाई जारी है। दोनों ही खुद को जयललिता के विरासत होने का दावा करते हैं। ऐसे में दिनाकरन की जीत से शशिकला गुट का मजबूत होना तय है।

सरकार के खिलाफ आवाज उठने की पूरी संभावना
इस सीट पर हार से यह संदेश गया है कि जयललिता के निधन के बाद जनता ने बतौर मुख्यमंत्री पलानीसामी को पसंद नहीं किया। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि साल 1999 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि सत्तारूढ़ दल इस सीट पर उपचुनाव हार गया हो। AIADMK की हार के बाद सरकार के खिलाफ आवाज उठने की पूरी संभावना है।

स्टालिन पर भी सवाल
इस चुनाव को सीएम पलानीसामी और डिप्टी सीएम पन्नीरसेल्वम के लिए टेस्ट माना जा रहा था। ऐसे में इस हार के बाद सरकार के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं इस हार से विपक्षी दलों को भी हमलावर होने का मौका मिल गया है। इस हार का असर सिर्फ AIADMK पर ही नहीं बल्कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) नेता स्टालिन पर भी सवाल उठ रहे हैं।












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