मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के हाथ दिखाने पर नहीं रुकी ट्रेन, तो स्टाफ पर लगाया बदसलूकी का आरोप
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नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और बीजेपी सांसद निरंजन ज्योति इन दिनों चर्चा में हैं, इसकी वजह उत्तर प्रदेश के कानपुर रेलवे स्टेशन से उनकी ट्रेन छूटना बताया जा रहा है। 29 अक्टूबर को बीजेपी सांसद दिल्ली के लिए रवाना हो रहीं थी लेकिन स्टेशन पर देरी से पहुंचने की वजह से उनकी ट्रेन छूट गई। इस दौरान निरंजन ज्योति और उनके स्टाफ ने हाथ दिखाकर ट्रेन रोकने की कोशिश भी की लेकिन वह नहीं रुकी। ट्रेन न रुकने पर निरंजन ज्योति इस कदर भड़कीं की उन्होंने रेलवे स्टेशन पर लिखित में इसकी शिकायत दर्ज करा दी और ट्रेन स्टाफ द्वारा उनके साथ बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया।

समय पर नहीं पहुंची रेलवे स्टेशन
दरअसल हुआ ये कि, कारपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए श्रमशक्ति एक्सप्रेस ट्रेन में उनका रिजर्वेशन था, 9 मीनट देरी के चलते ट्रेन 11 बजकर 54 मीनट पर स्टेशन से छूटी। इस दौरान बीजेपी सांसद निरंजन ज्योति समय पर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच सकीं और उनके सामने ही ट्रेन चल चुकी थी। चश्मदीदों के अनुसार साध्वी निरंजन ज्योति और उनके स्टाफ ने ट्रेन को हाथ दिखाकर रोकने की कोशिश भी की लेकिन गार्ड और सीआरपीएफ जवानों ने उनको अनसुना कर दिया।

बीजेपी सांसद ने लगाया ये आरोप
उधर, ट्रेन न रुकने से भड़कीं साध्वी निरंजन ज्योति ने रेलवे स्टेशन पर लिखित में इसकी शिकायत दी। उन्होंने डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट के ऑफिस में शिकायत पुस्तिका में गार्ड और सीआरपीएफ के सुरक्षा दस्ते पर बदसलूकी का आरोप लगाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने लिखा कि, सुरक्षा गार्डों ने उनसे कहा ट्रेन नहीं रुकेगी जो करना हो कर लो, बहुत से मंत्री देखे हैं। मंत्री के शिकायत के बाद सीआरपीएफ द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

क्या कहता है रेलवे एक्ट
रेलवे एक्ट के मुताबिक ट्रेन को सिर्फ आपात परिस्थितियों में ही रोका जा सकता है, सामान्य स्थिति में ट्रेन को वीआईपी के लिए रोका जा सकता। बिना किसी कारण ट्रेन के अंदर से चेन खींचकर रोकने पर भी जुर्माने का प्रावधान है। भारतीय रेलवे ने साध्वी ज्योति के मामले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शिकायत के बाद आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त आरएम पांडेय मामले की जांच कर रहे हैं।












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