TRAI ने स्पैम कॉल्स-मैसेज को लेकर और सख्त किए नियम, सर्विस प्रोवाइडरों को 45 दिनों का वक्त
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने फर्जी कॉल और मैसेजों को लेकर फिर से सख्ती दिखाई है। इसने सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी किए हैं और 45 दिनों में जवाब मांगा है।

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने शुक्रवार को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को मैसेज टेम्पलेट के दुरुपयोग रोकने के लिए फिर से सख्त निर्देश जारी किए हैं। यही नहीं टीआरएआई ने सर्विस प्रोवाइडरों से यह भी कहा है कि वे 45 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल करें।
स्पैम कॉल्स और मैसेज पर सख्ती!
शुक्रवार को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डिस्ट्रब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) प्लेटफॉर्म पर हेडर्स और टेम्पलेट के इस्तेमाल को लेकर अपनी गाइडलाइंस को और कड़े कर दिए हैं। यह स्पैम कॉल्स और फर्जी मैसेज को रोकने के लिए टीआरआई की ओर से नई पहल है।
टीआरएआई पहले भी जारी कर चुका है निर्देश
टीआरएआई ने सर्विस प्रोवाइडरों को टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफ्रेंस रेग्यूलेशंस, 2018 (TCCCPR-2018) के तहत यह निर्देश जारी किए हैं। टीआरएआई के मुताबिक यह दिशानिर्देश 16 फरवरी, 2023 के उसके पहले वाले निर्देश की ही अगली कड़ी है, जिसमें हेडर्स और मैसेज टेम्पलेट के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कहा गया था।
अप्रूविंग अथॉरिटी के लिए भी निर्देश
टीआरएआई ने सभी एक्सेस प्रोवाइडरो को निर्देश दिए हैं कि कंटेंट में तीन से ज्यादा वेरिएबल पार्ट के इस्तेमाल की अनुमति तभी दी जाएगी, जब उसके उचित औचित्य और अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था हो। ट्राई ने अनिवार्य कर दिया है कि एक्सेस प्रोवाइडर को ऐसे कंटेंट टेम्प्लेट के लिए एक अलग से अप्रूविंग अथॉरिटी को नामित करना होगा।
जिस कार्य के लिए इस्तेमाल होना है, उसके प्रत्येक वेरिएबल पार्ट को उस कार्य के लिए प्री-टैग्ड होना जरूरी है और मैसेज का कम से कम 30% फिक्स्ड पार्ट होना चाहिए। ताकि, मूल संदेश की भावना, जिसके लिए कंटेंट टेम्पलेट को मंजूरी दी गई थी, इनटर्मीडीएरीज के द्वारा बदल न दिए जाएं। टीआरएआई के मुताबिक यह भी फैसला लिया गया है कि सिर्फ व्हाइटलिस्टेड यूआरएल/एपीकेएस/ ओटीटी लिंक/ कॉल बैक नंबरों को ही कंटेंट टेम्पलेट में अनुमति दी जाएगी।
45 दिनों के भीतर देना होगा नुपालन रिपोर्ट
टीआरएआई ने कहा है कि सभी सर्विस प्रोवाइडरों को निर्देश दिया गया है कि इसके बारे में 45 दिनों के अंदर अनुपालन रिपोर्ट जमा करें। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के यह नए दिशा-निर्देश ऐसे समय में आए है, जब स्पैम कॉल और फर्जी मैसेज की भरमार को लेकर यूजर्स की शिकायतें काफी बढ़ गई हैं।
यूजर्स आए दिन आने वाले फर्जी कॉल से परेशान हैं और साइबर पुलिस के पास भी शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। हालांकि, यह समस्या लंबे समय से है, लेकिन अभी भी असामाजिक तत्वों को रोक पाने में मोबाइल कंपनियां और अन्य सर्विस प्रोवाइडर नाकाम रहे हैं। इन दिनों व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया पर भी फर्जी कॉल्स की भरमार हो गई हैं।
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TRAI has directed all the Access Providers that the use of more than three variable parts in the contents shall be permitted only with proper justification and additional checks. TRAI has mandated that Access Providers shall have to designate a separate approving authority for…
— ANI (@ANI) May 12, 2023












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