केंद्र ने देश के सबसे बड़े आदिवासी मेले 'समक्का सरलम्मा जतारा' के लिए 2.5 करोड़ रुपए की मंजूरी दी
नई दिल्ली, 13 फरवरी: केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने दुनिया के सबसे बड़े आदिवासी त्योहार 'समक्का सरलम्मा जतारा' के लिए 2.5 करोड़ रुपए जारी करने को मंजूरी दी है। रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार आदिवासी समुदायों की अनूठी संस्कृति और विरासत का सम्मान करती है। समक्का सरलम्मा जतारा दुनिया के सबसे बड़े आदिवासी त्योहारों में से एक है और सरकार हर संभव समर्थन दे रही है।

16 फरवरी से आदिवासी मेले 'समक्का सरलम्मा जतारा' से पहले केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना में जनजातीय सर्किट के विकास के लिए लगभग 80 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। उन्होंने बताया कि 'समक्का सरलम्मा जतारा' देश का सबसे बड़ा आदिवासी मेला है, जो हर दो साल में एक बार लगता है। इसे आदिवासी समुदायों की सबसे बड़ी सभाओं में से एक कहा जाता है। इस साल यह 16 से 19 फरवरी के बीच मेदारम में निर्धारित है, जो तेलंगाना के मुलुगु जिले के आदिवासी गढ़ का एक गांव हैं।
जी किशन रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार ने तेलंगाना में जनजातीय सर्किट के लिए लगभग 80 करोड़ मंजूर किए और इसमें पर्यटक सुविधा केंद्र, एम्फीथिएटर, सार्वजनिक सुविधा सुविधाएं, कॉटेज, टेंट आवास, गजेबोस, बैठने की बेंच, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन बुनियादी ढांचा, सौर लाइट और मेदाराम में पीने के पानी के लिए खर्च होंगे।
मंत्री ने बताया कि 2014 से पर्यटन मंत्रालय ने आतिथ्य योजना सहित घरेलू प्रचार और प्रचार के तहत तेलंगाना राज्य में विभिन्न त्योहारों को मनाने के लिए 2.45 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मंत्री के अनुसार इन निधियों का उपयोग चिलकालगुट्टा में पारंपरिक परिसर की दीवार और कांटेदार जालीदार तार की बाड़ के निर्माण, चिलकालगुट्टा की बाड़ की दीवार पर भित्ति चित्र बनाने, मेदाराम में जनजातीय संग्रहालय में डिजिटल कियोस्क की व्यवस्था, प्रतिकृति कोया की स्थापना के लिए किया जाएगा।












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