Today Top News: भारत को आज मिल सकती है कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी! एक क्लिक में जानें देश दुनिया की बड़ी खबरें
Today Breaking News India: आज के TOP 5 NEWS में हम आपके लिए लेकर आए हैं देश-दुनिया की सबसे बड़ी खबरें। मौसम अपडेट से लेकर राजनीति, खेल, मनोरंजन और इंटरनेशनल की टॉप सुर्खियों तक-यहाँ पढ़ें आज का पूरा समाचार सार।
अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स: भारत की मेजबानी पर मुहर लगने के आसार
ग्लास्गो में चल रही कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में आज भारत के लिए एक ऐतिहासिक फैसला होने की उम्मीद है। भारत को आधिकारिक तौर पर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंपी जा सकती है। साल 2010 में दिल्ली के सफल आयोजन के बाद, इस बार यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट गुजरात के अहमदाबाद शहर में आयोजित किया जाएगा।

भारत ने अपनी मजबूत दावेदारी से नाइजीरिया के अबुजा शहर को पीछे छोड़ दिया है, जिसे अब 2034 के आयोजन के लिए विचार सूची में रखा गया है। अगर आज यह घोषणा होती है, तो यह न केवल कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी वर्ष होगा, बल्कि यह भारत के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के सपने को सच करने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी साबित होगा। इस मौके पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए पी.टी. उषा और गुजरात के खेल मंत्री वहां मौजूद हैं।
भोपाल में नेशनल रोइंग चैंपियनशिप: अपर लेक पर 23 राज्यों के खिलाड़ी दिखाएंगे दम
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का मशहूर 'बड़ा तालाब' (अपर लेक) आज से 30 नवंबर तक राष्ट्रीय स्तर की खेल गतिविधियों का केंद्र बन गया है। यहां 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का भव्य आगाज हो रहा है।
इस प्रतियोगिता में देश भर के 23 राज्यों से आए 500 से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रदर्शन करेंगे। मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग और रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा यह आयोजन भोपाल को वाटर स्पोर्ट्स के एक प्रमुख केंद्र (Hub) के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा प्रयास है। आने वाले पांच दिनों तक झील के पानी पर रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
लोकतंत्र के महापर्व पर बाबा साहेब को नमन और अधिकारों का उत्सव
आज 26 नवंबर को पूरा राष्ट्र 'संविधान दिवस' के उल्लास में डूबा है। यह दिन भारतीय लोकतंत्र की नींव यानी हमारे संविधान को समर्पित है, जिसे आज ही के दिन 1949 में संविधान सभा ने स्वीकार किया था। डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से साल 2015 में केंद्र सरकार ने इस दिन को आधिकारिक तौर पर मनाने की शुरुआत की थी।
2 साल, 11 महीने और 18 दिन की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ हमारा संविधान न केवल देश को एक सूत्र में पिरोता है, बल्कि हर नागरिक को समानता और स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकार भी देता है। आज का दिन हमें हमारे अधिकारों के साथ-साथ देश के प्रति हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।












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