चीनी निर्यात को लेकर सरकार का फैसला, एक जून से 100 एलएमटी तक निर्यात की देगी अनुमति
चीनी निर्यात को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय ने कहा कि देश में घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार अगले आदेश तक एक जून 2022 से चीनी निर्यात को विनियमित करेगी।
नई दिल्ली, 25 मई: चीनी निर्यात को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय ने कहा कि देश में घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार अगले आदेश तक एक जून 2022 से चीनी निर्यात को विनियमित करेगी। सरकार 100 एलएमटी तक चीनी निर्यात की अनुमति देगी। चीनी सीजन 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान देश में चीनी की घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
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IMF चीफ ने निर्यात हटाने की मांग की थी
वहीं, इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत से अपील की थी कि वह गेंहू के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाए। शायद यह पहली बार है जब आईएमएफ की चीफ ने भारत के सामने इस तरह से हाथ फैलाया है और सच में कहा कि मैं भारत से भीख मांगती हूं वह गेंहूं पर लगे निर्यात के प्रतिबंध को हटाए। वर्ल्ड इकोनॉमिक समिट के कार्यक्रम में एनडीटीवी से बात करते हुए क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि मैं भारत से भीख मांगती हूं कि वह गेंहूं के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध पर फिर से पुनर्विचार करे।
रोक नहीं हटाने पर दुनियाभर में आएगी दिक्कत
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि अगर भारत के उदाहरण को लेते हुए अगर अन्य देश ऐसा कदम उठाते हैं तो दुनियाभर में खाद्य आपूर्ति का संकट आएगा और भुखमरी की दिक्कत आएगी। ऐसे में अगर इस तरह की समस्या होती है तो आईएमएफ को इस समस्या को सुलझाना होता है। क्रिस्टालिना जॉर्जीवा का कहना है कि अगर वैश्विक स्तर पर खाद्य आपूर्ति ठप होती है तो कई देश हमसे संपर्क करेंगे और हमपर निर्भर होंगे, जिससे आने वाले समय में भुखमरी जैसी समस्या आ सकती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव
वित्तीय स्थिति काफी मुश्किल दौर से गुजर रही है, चीनी अर्थव्यवस्था भी नीचे जा रही है। यूक्रेन-रूस के बीच चल रहे युद्ध का असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। कुछ देश महामारी से बेहतर तरह से उबर चुके हैं जबकि कुछ काफी मुश्किल में हैं। कई देश अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर नहीं कर पाए हैं और भारी कर्ज में हैं। अच्छी बात यह है कि अभी वैश्विक मंदी नहीं है। भारत गेंहू का निर्यात करता है, अगर भारत निर्यात पर प्रतिबंध को खत्म करता है तो इससे दुनियाभर को राहत मिलेगी।












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