BJP को दिए 8 साल, पीएम मोदी को नहीं रही मेरी फिक्र तो की थी राजनीति से सन्यास वाली बात: बाबुल सुप्रियो
नई दिल्ली, 5 मार्च। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अगल होकर टीएमसी (TMC) में शामिल हुए बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) लगातार बीजेपी शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा के लिए आठ वर्ष देने के बावजूद पार्टी में मुझे वह स्थान नहीं मिला जो जाहिए था। टीएमसी नेता सवाल किया कि अगर लगातार दो बार चुनाव जीतने के बाद मेरी राजनीतिक मत्वाकांक्षाओं में वृद्धि हुई तो इसमें गलत क्या था? इससे पहले बीजेपी से अलग होने के बाद उन्होंने राजनीति से सन्यास लेने की बात कही थी। अब उन्होंने फिर से टीमएमसी शामिल होने का अलग कारण बताया है।

टीएमसी में शामिल होने से पहले भाजपा से बाबुल सुप्रियों की दूरियां इतनी बढ़ चुकी थीं उसे अब वो भूल नहीं पा रहे। इससे पहले वे कई बार भाजपा में अपनी उपेक्षा को लेकर बयान दे चुके हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि पिछले आठ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कभी नहीं महसूस किया कि एक बंगाली को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए।
भाजपा से आहत होकर राजनीति से सन्यास की कही थी बात: बाबुल सुप्रियो
वहीं अब टीएमसी नेता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातीचीत में एक बार फिर से भाजपा शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि मैं आहत होकर राजनीति से अलग हुआ था। मुझे लगा कि पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञान की कोई परवाह नहीं है। मैंने 2014 से भाजपा के लिए कड़ी मेहनत की है। दो बार चुनाव जीतने और मंत्रालय में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, अगर मेरी पदोन्नति की आकांक्षाएं हैं तो इसमें क्या गलत है?
बाबुल सुप्रियो ने भाजपा को पर सवाल उठाए थे कि क्या एक बंगाली कैबिनेट मंत्री बनने के योग्य नहीं है? सुप्रियो ने भाजपा के बहाने सभी उत्तर भारत की पार्टियों को सवालों को घेरे में लिया था। उन्होंने कहा था कि हमेशा बंगालियों की उपेक्षा हुई है। मुझे केंद्रीय मंत्री के पद से हटाने के बाद मैंने भाजपा छोड़ दी।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को धन्यवाद देते हुए कहा था कि शुक्र है कि मुझे टीएमसी में शामिल होकर लोगों की सेवा करने का मौका मिला। पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने सोमवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। बाबुल सुप्रियो को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बालीगंज विधानसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है। सुप्रियो ने बंगाली गौरव को बढ़ावा देने की कोशिश करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार से सवाल किया कि भाजपा ने आठ वर्षों के दौरान किसी भी बंगाली नेता को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री क्यों नहीं बनाया?












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