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    Afspa को खत्म या उस पर फिर से विचार करने का समय अभी नहीं: सेना प्रमुख बिपिन रावत

    By Rahul Sankrityayan
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    नई दिल्ली। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा है कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) पर किसी भी पुनर्विचार के लिए समय नहीं आया है या इसके कुछ प्रावधानों को हल करने का समय नहीं आया है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि सेना जम्मू और कश्मीर जैसे विवादित क्षेत्रों में काम करते समय मानवाधिकारों की सुरक्षा में पर्याप्त सावधानी बरत रही है।  रावत की टिप्पणियां इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बीते दिनों कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि अफ्सपा के अधिकार कम किए जाएं या उसे खत्म कर दिया जाए। बता दें कि अफस्‍पा वर्ष 1958 में पहली बार अस्तित्‍व में आया था जब नागा उग्रवाद पर नियंत्रण करने के लिए आर्मी के साथ राज्‍य और केंद्रीय बल को गोली मारने, घरों की तलाशी लेने के साथ ही उस प्रॉपर्टी को अवैध घोषित करने का आदेश दिया गया था जिसका प्रयोग उग्रवादी करते आए थे। सिक्‍योरिटी फोर्सेज को तलाशी के लिए वारंट की जरूरत नहीं होती थी। 

    अभी Afspa पर पुनर्विचार करने के लिए समय नहीं

    अभी Afspa पर पुनर्विचार करने के लिए समय नहीं

    हाल ही में एक साक्षात्कार में, जनरल रावत ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस समय Afspa पर पुनर्विचार करने के लिए समय आ गया है। सेना प्रमुख ने कहा कि Afspa के कुछ मजबूत प्रावधान हैं, सेना को संपार्श्विक क्षति के बारे में चिंतित है और यह सुनिश्चित कर रही है इस कानून के तहत इसको लागू करने में स्थानीय लोगों को असुविधा न हो।

    सेना का एक बहुत अच्छा मानवाधिकार रिकॉर्ड

    सेना का एक बहुत अच्छा मानवाधिकार रिकॉर्ड

    जनरल रावत ने कहा कि सेना के हर स्तर पर विभिन्न कार्यों के लिए नियम हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि Afspa के तहत काम कर रहे लोगों के लिए कोई असुविधा ना हो। 'Afspa एक ऐसा सक्षम प्रावधान है जो विशेष रूप से सेना को ऐसे मुश्किल क्षेत्रों में संचालित करने की अनुमति देता है और मैं आपको आश्वासन देता हूं कि सेना का एक बहुत अच्छा मानवाधिकार रिकॉर्ड है।'

    सेना प्रमुख ने सीधे उत्तर नहीं दिया

    सेना प्रमुख ने सीधे उत्तर नहीं दिया

    यह पूछे जाने पर कि क्या जम्मू और कश्मीर में पाकिस्तानी प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के लिए सभी तीनों सेवाओं को शामिल करने का समय आ गया है, सेना प्रमुख ने सीधे उत्तर नहीं दिया, लेकिन कहा कि सशस्त्र बलों के विभिन्न प्रकार के संचालन के लिए 'विकल्प उपलब्ध हैं।'

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    English summary
    Time has not come for any rethink on AFSPA: Army Chief Gen Bipin Rawat
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