कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में हजरतबल मस्जिद विवाद के लिए जिम्मेदार लोगों की आलोचना की
जम्मू और कश्मीर कांग्रेस इकाई ने हज़रतबल मस्जिद पर हालिया विवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की है, इसे अत्यंत खेदजनक बताते हुए। पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे को भड़काने के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। कांग्रेस ने संविधान के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, जो धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप सुनिश्चित करते हैं।

हज़रतबल दरगाह पर हुई इस घटना को कांग्रेस ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है, इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि धार्मिक स्थलों को राजनीतिक विवाद की बजाय आस्था और एकता का स्थान बने रहना चाहिए। पार्टी ने कहा कि वह शिकायतों को दूर करने के लिए हिंसा या कानूनी उल्लंघनों का समर्थन नहीं करती है, लेकिन कथित अन्याय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के अधिकार को स्वीकार करती है।
विवाद का विवरण
विवाद शुक्रवार को तब भड़का जब दरगाह के अंदर राष्ट्रीय प्रतीक वाला एक पट्ट लगाया गया, जिससे भक्तों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी आकृति या प्रतीक को मस्जिद के अंदर प्रदर्शित करना इस्लामी एकेश्वरवाद का खंडन करता है। शुक्रवार की नमाज़ के बाद, अज्ञात व्यक्तियों ने पट्ट को नष्ट कर दिया और हटा दिया, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज किया गया।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस ने प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों, विशेष रूप से मुस्लिम पूजा स्थलों पर राष्ट्रीय प्रतीकों या राजनीतिक नेताओं की नेमप्लेट प्रदर्शित करने की आवश्यकता पर सवाल उठाया। पार्टी ने उन लोगों से जवाब मांगा, जिनके व्यक्तिगत या राजनीतिक एजेंडे के कारण आस्था रखने वालों में अशांति हुई है।
समाधान का आह्वान
कांग्रेस ने शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए धार्मिक भावनाओं पर विचार करते हुए और संवैधानिक सिद्धांतों का पालन करते हुए इस मुद्दे को हल करने का आह्वान किया। पार्टी ने जोर दिया कि ऐसे मामलों को ऐसे तरीके से संबोधित किया जाना चाहिए जो कानून के शासन को कायम रखे और स्थापित परंपराओं का सम्मान करे।
With inputs from PTI












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