बुरहान वानी की बरसी पर पुलवामा में बड़े आतंकी हमले की साजिश, सुरक्षाबल चौकन्ने
श्रीनगर। सुरक्षा एजेंसियों ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी रहे बुरहान वानी की तीसरी बरसी पर घाटी में बड़े आतंकी हमले की चेतावनी दी है। एजेंसियों की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि आतंकी दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला कर सकते हैं। वानी, आठ जुलाई 2016 को अनंतनाग जिले में कोकरेनाग में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था। वानी उस समय मारा गया जब सुरक्षाबल आतंकियों के सुरक्षित अड्डों पर छापेमारी कर रहे थे।

छह से आठ आतंकियों का ग्रुप
एजेंसियों की ओर से जारी वॉर्निंग में कहा गया है कि आतंकी पुलवामा के अवंतिपोरा में चेचकोट पर टोल प्लाजा से गुजरने वाले हाइवे से पुलवामाम के ग्लांदर में फोर वे ब्रिज तक की दूरी पर हमला कर सकते हैं। सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि पाकिस्तान से आए आतंकियों का एक ग्रुप जिसमें छह से आठ आतंकी हैं, हाल ही पुलवामा पहुंचा है। इस आतंकी ग्रुप में एक स्नाइपर भी है और इसे सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

त्राल की वजह से पुलवामा और संवेदनशील
पुलवामा इसलिए भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए नाजुक है क्योंकि त्राल भी इसके तहत आता है। त्राल को हमेशा से आतंकियों का सुरक्षित पनाहगार माना गया है। यह जगह वानी का गृहनगर है।। आपको बता दें कि पाकिस्तान हमेशा वानी को एक फ्रीडम फाइटर मानता है।

पाकिस्तान ने माना वानी को फ्रीडम फाइटर
वानी की मौत के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। चार माह तक कर्फ्यू लगा रहा और घाटी में शटडाउन रहा। कर्फ्यू के दौरान करीब 82 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग प्रदर्शन में घायल हुए। पाकिस्तान ने वानी का फ्रीडम फाइटर बताते हुए उस पर एक पोस्टल स्टैंप भी सितंबर 2018 में जार की थी। पाक ने कहा था कि वानी कश्मीर में जारी भारतीय सेनाओं के अत्याचार का उदाहरण है।

14 फरवरी को हुआ था बड़ा आतंकी हमला
14 फरवरी को पुलवामा में ही जम्मू श्रीनगर नेशनल हाइवे पर आतंकी हमला हुआ था। अवंतिपोरा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए इस आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा 17 जून को भी अरिहाल में सेना की पेट्रोलिंग टीम को आईईडी हमले से निशाना बनाया गया। इसमें करीब नौ सैनिक घायल हुए जिनमें से दो शहीद हो गए। हमला सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स टीम को निशाना बनाते हुए अंजाम दिया गया था। सेना ने इसे एक असफल प्रयास करार दिया। सेना का कहना था कि एक गाड़ी पर आईईडी मौजूद थी।












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