खुशखबरी: भारत में 5G ट्रायल को मंजूरी, 310 MB प्रति सेंकड मिलेगी स्पीड, जानें कब होगी लॉन्चिंग?

नई दिल्ली, मई 4: 21वीं सदी की शुरुआत में भारत में जबरदस्त संचार क्रांति आई। शुरुआत में लोगों को 2जी और 3जी सेवाएं मिलीं, लेकिन 2015 के आसपास जियो ने नई क्रांति ला दी, जहां लोगों के हाथ में 4जी सेवा आ गई। इसके अलावा अनलिमिटेड डेटा प्लान्स ने संचार क्रांति को नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। इंटरनेट की बढ़ती मांग को देखते हुए कई सारी कंपनियां भारत में 5जी सर्विस शुरू करना चाहती हैं, जिनके ट्रायल के लिए भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है।

अलग-अलग हिस्सों में होगा ट्रायल

अलग-अलग हिस्सों में होगा ट्रायल

संचार मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक टेलीकॉम विभाग ने 5जी ट्रायल को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद टेलीकॉम सर्विस देने वाली कंपनियां देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रायल शुरू करेंगी। इस ट्रायल को भारत के ग्रामीण, अर्ध शहरी इलाकों में किया जाएगा, क्योंकि जनसंख्या का बड़ा भाग यहां पर रहता है। वहीं दूसरी ओर लोगों के मन में ये सवाल बना हुआ है कि ये सेवा भारत में कब शुरू होगी? कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जियो इस साल की दूसरी छमाही में इसे लॉन्च कर सकती है, हालांकि सब कुछ ट्रायल पर ही निर्भर करेगा।

कितनी होगी स्पीड?

कितनी होगी स्पीड?

भारती एयरटेल ने इस साल की शुरुआत में हैदराबाद में 5जी नेटवर्क की घोषणा की थी। जिसमें लिबरालाइज्ड स्पेक्ट्रम 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में एनएसए (नॉन स्टैंड अलोन) नेटवर्क तकनीक का इस्तेमाल हुआ। इस दौरान ट्रायल में पता चला कि 5जी की स्पीड 4जी से 10 गुना ज्यादा थी, जहां डाउनलोड स्पीड 310 MB प्रति सेकंड तक गई, जबकि अपलोड की स्पीड 65 MBPS के करीब रही। विशेषज्ञों की मानें तो 5जी की स्पीड 100 MB पर सेकंड से ज्यादा मिलनी तय है, लेकिन विशेष उपकरणों की मदद से इसे 1000 MBPS तक पहुंचाया जा सकता है।

खरीदना पड़ेगा नया फोन?

खरीदना पड़ेगा नया फोन?

विकसित देशों ने 2020 में ही अपने यहां 5जी लॉन्च कर लिया था, ऐसे में अब बारी भारत जैसे विकासशील देशों की है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में टेलीकॉम कंपनियां 5जी तकनीकि में हिस्सा लेने से बच रही हैं, क्योंकि इसके उपकरण में निवेश ज्यादा है। हो सकता है कि लॉन्चिंग के बाद उतना मुनाफा ना हो पाए। हालांकि पिछले कुछ महीनों में जियो और एयरटेल ने इसके लिए कमर कस ली है। वहीं फोन की बात करें तो भारत के ज्यादातर उपभोक्ताओं के पास 4जी फोन है, ऐसे में उन्हें 5जी सेवा के लिए नए फोन लेने पड़ेंगे, जो मार्केट में पहले से उपलब्ध हैं।

5जी की वजह से बीमार पड़ रहे लोग?

5जी की वजह से बीमार पड़ रहे लोग?

वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ रही है, जिसमें दावा किया गया कि कोरोना की दूसरी लहर 5जी टेस्टिंग की वजह से आई है। इस वजह से लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। मामले में पीआईबी ने कहा है कि विश्वव्याप्त महामारी कोरोना वायरस को लेकर इस तरह की गलत और एकदम फर्जी सूचनाएं साझा करना ठीक नहीं है। इसके गंभीर परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में इस पर भरोसा ना करें।

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