'केसीआर और जगन की मिलीभगत से तेलंगाना का हुआ नुकसान', कृष्णा नदी जल विवाद पर बोले सीएम ए रेवंत रेड्डी
कृष्णा नदी जल विवाद को सुलझाने के दावे बीच सीएम ए रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीआरएस को निशाने पर लेते हुए सीएम रेड्डी ने कहा कि पूर्व की तेलंगाना सरकार ने कृष्णा जल का उचित हिस्सा नहीं देने की साजिश रची थी। सीएम ने कहा कि जलविवाद पर समझौते के पेश करने के वाबजूद केसीआर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुए।
श्रीशैलम और नागार्जुन सागर परियोजनाओं को कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (KRMB) को सौंपने की टिप्पणियों को लेकर सीएम ए रेवंत रेड्डी ने पलटवार किया है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने रविवार को आरोप लगाया कि उनके पूर्ववर्ती, के चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने तेलंगाना को कृष्णा जल का उचित हिस्सा नहीं देने की साजिश रची थी। रेवंत ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री 2004 से 2023 तक एपी सरकार द्वारा कृष्णा नदी के किनारे पोथिरेड्डीपाडु, रायलसीमा और मुचुमरी जैसी परियोजनाओं के विकास के लिए जिम्मेदार थे।

मंत्रियों एन उत्तम कुमार रेड्डी और कोंडा सुरेखा के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केसीआर ने जगन मोहन रेड्डी के साथ एक समझौते के तहत खुद को आयोग के समक्ष पेश किया और 5 अगस्त, 2020 को केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुए।
एक बयान में उन्होंने कहा, "रायलसीमा लिफ्ट सिंचाई योजना का विरोध नहीं किया गया, जिसके कारण आंध्र प्रदेश ने 8 टीएमसीएफटी पानी उठाने के लिए 10 अगस्त, 2020 को निविदाएं जारी कीं। केसीआर के पैसे के लालच ने 'रायलसीमा लिफ्ट सिंचाई घोटाले' की नींव रख दी गई।"












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