तेलंगाना चुनाव: केसीआर इस बार भी तेलंगाना की भावनाओं को भड़का रहे, क्या इस बार मिलेगा बीआरएस को लाभ?
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में इस बार फिर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव तेलंगाना की भावनाओं को भड़का कर वोटों को अपने फेवर में करना चाह रहे हैं। हालांकि पिछले चुनावों में बीआरएस के टॉरगेट पर आंध्र प्रदेश होता था लेकिन इस बार आंध्र प्रदेश के साथ कर्नाटक भी बीआरएस के टॉरगेट पर है।

आंध्र प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल टीडीपी और वाईएसआरसीपी तेलंगाना विधानसभा चुनाव मैदान से बाहर हैं व के मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने अपना ध्यान कर्नाटक पर केंद्रित कर दिया है, इसकी वजह ये है कि तेलंगाना में बीआरएस की वर्तमान प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पार्टी कर्नाटक में सत्ता में है।
किसानों को बिजली आपूर्ति के मुद्दे और कर्नाटक में कांग्रेस की गारंटी योजनाओं को लेकर बीआरएस लगातार कांग्रेस को घेर रही है और दावा कर रही है कि कांग्रेस की सरकार से कर्नाटक की जनता परेशान है अगर तेलंगाना में सरकार कांग्रेस की सरकार बनती है तो तेलंगाना बरबार हो जाएगा।
बीआरएस ने अपने चुनाव प्रचार में कहा था कि
हर दिन, कई लोग मेरी आलोचना करेंगे, लेकिन मैं परेशान नहीं होता। यहां मुद्दा यह है कि आंध्र का कोई व्यक्ति, विशेषकर वह छोटा अभिनेता, मेरे बारे में बात कर रहा है। देखो ये आंध्र के लोग कितने अहंकारी हैं, और वे हमारे तेलंगाना के लोगों और राजनेताओं के बारे में कैसा महसूस करते हैं। यदि हम उन्हें एक प्रतिशत भूमि दे दें, तो वे आकर हम पर सवार हो जायेंगे।'
केसीआर ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा
मैंने अपना जीवन दांव पर लगाकर तेलंगाना लाया। अब क्या आप विजयवाड़ा को तेलंगाना देंगे? हमें अब से कोई भी काम करवाने के लिए अपनी याचिकाएं अमरावती ले जानी चाहिए? या हमें हैदराबाद जाना चाहिए? बुद्धिमानीपूर्ण चुनाव करें. हम 58 साल की लड़ाई के बाद आंध्र से बाहर आए हैं।' अब ये लोग (कांग्रेस और टीडीपी) हमें धोखा देने के लिए एक साथ आए हैं।












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