तेलंगाना चुनाव: केटीआर ने किया दावा- साइलेंट मतदाता की लहर बीआरएस को दिलाएगी भारी जीत
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को वोटिंग हो रही है। इस चुनाव में प्रमुख मुकाबला सत्तारूढ़ बीआरएस और कांग्रेस के बीच होता नजर आ रहा है। वहीं सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अब 2023 के विधानसभा चुनावों में बीआरएस को विश्वास है कि उसे राज्य के साइलेंट मतदाता भारी जीत दिलाएंगे। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने विश्वास जताते हुए कहा कि बीआरएस 2018 में जीती गई सीट से कम से कम एक सीट अधिक हासिल कर आराम से विरोधी पार्टियों को हराकर जीत की हैट्रिक का जश्न मनाएगी।

मतदान से एक दिन पहले मीडिया से अनौपचारिक बात करते हुए केटी रामा राव ने कहा अधिकांश चुनावी सर्वेक्षण विश्वसनीयत नही हैं क्योंकि 2028 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उनमें से अधिकांश के दावे गलत साबित हो गए। केटीआर ने विधायकों के विरोध, मतदाताओं का रुझान और सत्ता विरोधी लहर के दावों को प्रतिद्वंद्वी पार्टियों की दिमागी उपज बताया।
केटीआर ने दावा किया कि बीआरएस के जीतने के लिए केवल 51 प्रतिशत वोटों की आवश्यकता है। केसीआर ने याद दिलाया कि 2018 में बीआरएस को 47 फीसदी वोट मिले थे, जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 37 प्रतिशत ही वोट मिले थे।
केटीआर ने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी बीआरएस कई निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करेगी और साथ ही दावा किया कि बीआरएस उन सीटों पर जीतेगी जहां पर विपक्षी पार्टियों के शीर्ष नेता चुनाव लड़ रहे हैं।
केटीआर ने चुनाव परिणाम को लेकर आशावादी बयान देते हुए कहा
ये चुनाव हैट्रिक जीत हासिल करने और के.चंद्रशेखर राव को तीसरी बार हमारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए हैं।" उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए कुछ सर्वेक्षण प्रकाशित किए गए थे, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों के विपरीत, अपने अधिकांश वादों को पूरा करने में चंद्रशेखर राव की विश्वसनीयता निश्चित रूप से बीआरएस की मदद करेगी।












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