Telangana: नगर निगम अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर असमंजस में कांग्रेस, जानिए वजह
लोकसभा चुनाव में पहले कांग्रेस फूंक- फूंक कर कदम बढ़ा रही है। पिछले दिनों तेलंगाना में अपने ही दिग्गजों का सामना करने पार्टी किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। लेकिन नगर निगम अध्यक्षों की नियुक्ति की नियुक्ति को लेकर दुविधा बढ़ती जा रही है। कांग्रेस अभी तक नगर निगम अध्यक्ष के कैंडिडेट का नाम तय नहीं कर पाई है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस संगठन के बीच मंथन के बाद पार्टी नेता इस नतीजे पर पहुंचे है कि इस चुनाव को आगामी लोकसभा चुनाव होने तक टाल दिया जाए।
तेलंगाना में नगर निगम अध्यक्षों के नियुक्ति को लेकर कांग्रेस ने अभी तक निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में पार्टी के पास दो विकल्प हैं, जिसमें पहला विकल्प पार्टी की ओर अध्यक्ष का ऐलान, जबकि दूसरा लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें बाद की तारीख के लिए टालना।

एक ओर दावा किया जा रहा है कि नगर निगम अध्यक्ष के नियुक्ति से शहर में पार्टी कार्यकर्ताओं को एक नई ऊर्जा मिलेगी। जबकि जबकि दूसरा तर्क ये है कि अगर कांग्रेस चुनाव से पहले इस दिशा में कोई कदम बढ़ाती है, तो कांग्रेस का समर्थन करने वाले कुछ लोग विरोध भी कर सकते हैं, जिसका आगामी चुनाव में नुकसान हो सकता है।
वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी इस नतीजे पर पहुंच रही है कि बेहतर होगा कि इस प्रक्रिया को चुनाव के बाद की तारीख के लिए टाल दिया जाए। कांग्रेस के भीतर, कुछ नेताओं ने एक दशक से अधिक समय तक पार्टी की सेवा की है। पार्टी फिलहाल इस बात पर विचार कर रही है कि अगर उन्हें तुरंत कुछ पदों पर समायोजित नहीं किया गया तो पार्टी के हितों पर क्या असर पड़ सकता है।
वहीं हाल ही में में एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए आयोजित कार्यशाला में भाग लेने के लिए पार्टी नेतृत्व से चर्चा की। जबकि सूत्रों के मुताबिक कहा गया कि लोकसभा चुनाव के बाद, पार्टी को दो एमएलसी और राज्यसभा सीटें भरनी होंगी। तब वह पार्टी मनोनीत पदों पर नियुक्तियां करने में सक्षम हो सकती है।












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