Tejashwi Yadav ED के रडार पर: 150 करोड़ रुपये का घर 4 लाख में खरीदने का आरोप, 600 करोड़ के अवैध लेनदेन!
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि राजद नेता और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 150 करोड़ रुपये का घर केवल चार लाख रुपये में खरीदा। 24 ठिकानों पर तलाशी हुई। 600 करोड़ के अवैध लेनदेन का आरोप

Tejashwi Yadav ED की जांच का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि तेजस्वी यादव और परिवार ने गलत तरीके से संपत्ति हासिल की है। आरोप के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तेजस्वी ने 150 करोड़ रुपये का बंगला केवल चार लाख रुपये में खरीदा। रिपोर्ट के अनुसार यह प्रॉपर्टी एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड है। आरोप के मुताबिक स्वतंत्र चार मंजिला बंगले का मालिकाना हक तेजस्वी और उनके परिजनों के पास है।
मार्केट वैल्यू 150 करोड़, 4 लाख में खरीदा!
तेजस्वी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच पर इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार लालू यादव के बेटे और बेटियों पर सिलसिलेवार छापेमारी की गई। इसके बाद ED ने कहा कि दिल्ली की पॉश न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में तेजस्वी यादव का बंगला महज 4 लाख रुपये में खरीदा गया था और इसकी आज की मार्केट वैल्यू 150 करोड़ रुपये है। जांच एजेंसी ने कहा, 'ऐसा संदेह है कि इस संपत्ति को खरीदने में बड़ी मात्रा में नकदी या अपराध की आय का उपयोग किया गया था। मुंबई स्थित कुछ संस्थाएं, रत्न और आभूषणों का बिजनेस कर रही थीं। इसके लिए गलत तरीके से प्राप्त धन का उपयोग किया गया था।
'तेजस्वी के आवासीय परिसर' पर ED की छापेमारी
जांच एजेंसी ने कहा कि कागज पर, संपत्ति को एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय के रूप में घोषित किया गया है। हालांकि, इसका इस्तेमाल तेजस्वी यादव द्वारा आवासीय संपत्ति के रूप में किया जा रहा है। ED के अनुसार छापेमारी के दौरान, तेजस्वी यादव इस घर में रह रहे थे और इसे अपनी आवासीय संपत्ति के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
घोटाले का आरोप, अब तक की जांच में क्या मिला
ईडी ने नौकरी घोटाला (Land-for-job Scam) के संबंध में तलाशी के दौरान एक करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, 1,900 डॉलर, 540 ग्राम गोल्ड बुलियन और 1.5 किलोग्राम से अधिक सोने के आभूषण (लगभग 1.25 करोड़ रुपये मूल्य) सहित विदेशी मुद्राएं भी बरामद की है।
जमीन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अवैध तरीके से जुटाए
वित्तीय जांच एजेंसी- ED ने तेजस्वी यादव और उनके परिवार के सदस्यों और बेनामीदारों के नाम पर विभिन्न संपत्ति दस्तावेजों और बिक्री दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं। ईडी का आरोप है कि इन दस्तावेजों का संबंध विशाल भूखंडों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में अवैध तरीके से एक साथ इजाफा (accretion) होने का संकेत मिलता है।
600 करोड़ का अवैध लेनदेन
जांच एजेंसी का आरोप है कि अब तक लगभग 600 करोड़ रुपये की अपराध की आय के साक्ष्य मिले हैं। इसमें 350 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों और विभिन्न बेनामीदारों के माध्यम से 250 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप है। जांच एजेंसी ने बरामद सामग्री की तस्वीरें भी मीडिया को दिखाई हैं।

200 करोड़ रुपये का लैंड पार्सल
जिन भूखंडों के आधार पर घोटाले के आरोप लगे हैं, इसके बारे में इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पूरी लैंड पार्सल का वर्तमान बाजार मूल्य 200 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें कहा गया है कि इन जमीनों के लिए कई बेनामीदारों, शेल संस्थाओं और लाभकारी मालिकों की पहचान की गई है।
राबड़ी पर भी लगे गंभीर आरोप
ईडी की जांच में पाया गया कि यादव परिवार ने रेलवे में ग्रुप-डी के आवेदकों से महज 7.5 लाख रुपये में चार भूखंडों को अधिग्रहीत किया। आरोप है कि जमीन को बेचने के लिए बाद में लालू की पत्नी राबड़ी देवी ने साठगांठ की। उन्होंने जमीन राजद के पूर्व विधायक सैयद अबू दोजाना को 3.5 करोड़ रुपये में बेच दी।
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'लालू फैमिली' अपने इलाके के लोगों को नौकरी दिलाई
केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस राशि का एक बड़ा हिस्सा तेजस्वी यादव के खाते में स्थानांतरित किया गया था। जांच एजेंसी- ED के अनुसार रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले में गरीब उम्मीदवारों और उनके माता-पिता से जमीनें ली गईं, कई रेलवे जोन में लोगों की भर्तियां कराई गईं। नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों में से 50% से अधिक लालू यादव और उनके परिवार के निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित थे। जिस समय कथित घोटाला और लेनदेन हुआ लालू रेल मंत्री थे।
बिहार दिल्ली के कई ठिकानों पर जांच
बता दें कि चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव Land For Jobs मामले में सीबीआई और ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। उनके परिवार और उनके सहयोगियों की ओर से रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर किए गए निवेश का पता लगाने के लिए ED और सीबीआई बिहार-दिल्ली के कई ठिकानों पर जांच कर रही हैं।
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