TDP ने की डिमांड- विदेशी विद्या योजना सरकार के आदेश में संशोधन करें या वापस लें
टीडीपी ने कहा विदेशी विद्या योजना सरकार के आदेश में संशोधन करें या वापस लें
विजयवाड़ा, 15 जुलाई: आंध्र प्रदेश में लगातार टीडीपी प्रदेश सरकारी की नीतियों और उसके निर्णयों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी कड़ी में अब टीडीपी ने मांग की है कि राज्य सरकार विदेश विद्या योजना को वापस ले या इसमें संसोधन करें।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने राज्य सरकार से 11 जुलाई को जारी जीओ संख्या 39 में संशोधन करने या वापस लेने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये विदेशों में हॉयर एजुकेशन की पढ़ाई करने वाले स्टूडेन्ट्स के हितों के खिलाफ था। टीडीपी ने आरोप लगाया कि जगन्नाथ विदेशी विद्या के नाम पर जीओ दीवेना योजना का उद्देश्य केवल अधिकांश उम्मीदवारों को सहायता से वंचित करना है ।
टीडीपी ने कहा कि इस योजना के जीओ में लिखे हुए कठिन एलिजबेल्टी मानदंड केवल छात्रों के विदेश में अध्ययन करने की संभावनाओं को बाधित करेंगे। टीडीपी ने जानकारी दी कि इस नए शासनादेश के अनुसार एक परिवार का केवल एक व्यक्ति ही विदेश में हॉयर एजुकेशन के लिए पात्र है, जबकि पिछली टीडीपी सरकार के दौरान ऐसी कोई सीमा नहीं थी।
गुरुवार को मंगलागिरी के सामने टीडीपी केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए एमएलसी पी अशोक बाबू ने याद दिलाया कि 2014 और 19 के बीच टीडीपी शासन के दौरान कुल 4,922 छात्रों को विदेश में उनकी पढ़ाई के लिए 365 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में स्वीकृत किए गए थे। नए शासनादेश में लिखा हुआ पात्रता मानदंड के अनुसार, 25 छात्रों को भी विदेशों में प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में हॉयर एजुकेशन की स्टडी करने का मौका नहीं मिलेगा।
केवल IIT और IIM से पास आउट ही इस योजना के तहत विदेश में उच्च अध्ययन के लिए पात्र हैं। इसके साथ उन्होंने ये जानना चाहा कि इस योजना से विदेश जाएंगे क्योंकि उनमें से अधिकांश को प्रीमियर में अपनी पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद संस्थान का आकर्षक वेतन पैकेज मिलेगा।












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