आंध्र प्रदेश की राजधानी को विशाखापत्तनम में स्थानांतरित करने के फैसले की टीडीपी ने की आलोचना
आंध्र प्रदेश की राजधानी हो लेकर एक बार फिर जगन मोहन सरकार और राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी टीडीपी आमने सामने हैं। टीडीपी महासचिव नारा लोकेश ने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा अदालत के आदेशों का पालन ना करते हुए राजधानी को विशाखापत्तनम में स्थानांतरित करने की योजना के लिए की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने सीएम कार्यालय स्थान के लिए मिलेनियम टावर्स का उपयोग करने के आंध्र प्रदेश सरकार के कदम की निंदा की है।

शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोकेश ने एक पोस्ट लिखी जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के जीओ 2283 की निंदा की, जिसने विशाखापत्तनम में मिलेनियम टावर्स ए और बी में कई विभागों के लिए कार्यालय के लिए स्थान देने के लिए अधिकारियों की समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया।
आंध्र प्रदेश को विशाखापत्तनम में स्थानांतरित करने की योजना की सीएम रेड्डी की आलोचना करते हुए नारा लोकेश को ये याद दिलाया कि प्रदेश पिछली टीडीपी सरकार ने अमरावती में सचिवालय का निर्माण किया था, उन्होंने जानना चाहा कि जगन विशाखापत्तनम को राज्य की राजधानी बनाने की योजना क्यों बना रहे थे।
विशाखापत्तम में ऑफिस स्पेस के लिए मिलेनियम टावर्स का उपयोग करने के जगन के फैसले को नारा लोकेश ने गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पिछली टीडीपी सरकार ने आईटी विकास के लिए इसका निर्माण किया था। उन्होंने जगन पर राज्य की इनकम करवाने वाली आईटी कंपनियों को पड़ोसी राज्यों में भगाने का आरोप लगाया।
टीडीपी महासिचव नारा लोकेश ने कहा "सीएम जगन की अध्यक्षता में खोखले विचारों के कारण राज्य में हजारों लोग नौकरियां गवां रहे हैं। वाईएसआरसी सरकार की समाप्ति तिथि तीन महीने में है। उन्होंने कहा जगन को मनोरोगी कहने में कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि वह अपने कार्यकाल के शेष तीन महीनों में हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं।"












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