बलात्कार पर घटिया बयान देकर तापस पाल ने भुला दिये "राजश्री" के संस्कार

तृणमूल कांग्रेस के नेता तापस पाल भले ही अभी राजनीति की वजह से चर्चा में हों। लेकिन इनका एक गहरा कनेक्शन बॉलीवुड से भी है।
अगर आपको याद हो तो आपने यह चेहरा 1986 में आई फिल्म "अबोध" में देखा होगा। जी हां, "अबोध" से ही धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने अपने बॉलीवुड सफर की शुरूआत की थी। और तपस पाल ने इस फिल्म में माधुरी के सम्मुख काम किया था। राजश्री के बैनर तले निर्मित इस फिल्म का निर्देशन हीरेन नाग ने किया था। राजश्री के बाकि फिल्मों की तरह इस फिल्म की कहानी भी मान्यताएं और भारतीय संस्कृति के इर्द-गिर्द घूमती थी। खैर, तपस का बॉलीवुड करियर ज्यादा लंबा न चल पाया और उन्होंने फिर बंगाली फिल्मों की ओर रूख कर लिया।
गौरतलब, मौजूदा समय में तपस पाल के बयान और टिप्पणियों को सुनकर ऐसा लगता है कि दशकों बाद , इस फिल्मी हीरो ने राजश्री संस्कारों को पूरी तौर से भुला दिया है।
तपस पाल ने पश्चिम बंगाल के छउमहा में एक गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करते हुए कैमरे की कैद में आ गए। टीमसी नेता ने विपक्षी पार्टियों पर निशानी साधते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी से अगर किसी ने भी तृणमूल के लोगों को छू भी लिया तो मैं उसे नहीं छोड़ूंगा। और तपस सिर्फ यहीं शांत नहीं हुए, और उन्होंने कह डाला कि अगर जरूरत पड़े तो वे महिलाओं का रेप करने के लिए गावों में अपने आदमी भेज देगें।












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