भारत सरकार को इस महीने मिलेगी स्विस बैंक में भारतीयों के खातों की तीसरी लिस्ट
भारत सरकार को इस महीने मिलेगी स्विस बैंक में भारतीयों के खातों की तीसरी लिस्ट
नई दिल्ली, 11 सितंबर: स्विट्जरलैंड इस महीने के आखिर तक भारत सरकार को भारतीयों के स्विस बैंक खाते के विवरण की तीसरी लिस्ट दे देगा। स्विट्जरलैंड की ओर से भारत को दिए जाने वाले डिटेल के इस तीसरे सेट में भारतीयों के मालिकाना हक वाली रियल एस्टेट प्रोपर्टी और ऐसी संपत्तियों से होने वाली आय के बारे में भी जानकारी शामिल है। स्विट्जरलैंड की ओर से भारत को ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन यानी सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान के तहत ये जानकारी दी जा रही है। जानकारियों की पहली लिस्ट अगस्त 2019 और लिस्ट दूसरी सितंबर 2020 में स्विट्जरलैंड की ओर से भारत के साथ साझा की जा चुकी है।

भारत को सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान की नई नियमित व्यवस्था के तहत स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीय नागरिकों के खातों के पहले ब्यौरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्विट्जरलैंड के संघीय कर प्रशासन (एफटीए) 75 देशों को एईओआई के वैश्विक मानदंडों के तहत वित्तीय खातों के ब्योरे का आदान-प्रदान कर रहा है, जिनमें भारत भी शामिल है। जानकारी में उन खातों की सूचना दी जाएगी जो अभी सक्रिय हैं. इसके अलावा उन खातों का ब्यौरा भी उपलब्ध कराया जाएगा जो 2018 में बंद किए जा चुके हैं। साझा की गई सूचना के तहत पहचान, खाता और वित्तीय सूचना शामिल है। इनमें निवासी के देश, नाम, पते और कर पहचान नंबर के साथ वित्तीय संस्थान, खाते में आय का ब्यौरा दिया गया है। इस दफा स्विटजरलैंड की सरकार अचल संपत्ति (रियल एस्टेट से जुड़ी) का विवरण साझा करने के लिए भी सहमत हुई है।
सरकार ने स्विस बैंक पर कही ये बात
इस साल जुलाई में लोकसभा में वित्तराज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया था कि स्विस बैंक में पिछले 10 वर्षों से काले धन का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है। उन्होने कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें काला धन एवं कर अधिरोपण कानून को प्रभावी बनाना, एसआईटी का गठन करना आदि शामिल है।












Click it and Unblock the Notifications