Nithari Killings Case: सुप्रीम कोर्ट निठारी मामले में नई याचिका पर सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने 2006 के निठारी सीरियल किलिंग मामले में सुरेंद्र कोली को बरी करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की नई याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है।

जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन ने इस याचिका को हाई कोर्ट के 16 अक्टूबर, 2024 के आदेश के खिलाफ लंबित अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है।

Nithari Killings Case

19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इसी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई और उत्तर प्रदेश सरकार की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी। इन याचिकाओं के संबंध में कोली को नोटिस जारी किए गए और उनसे जवाब मांगा गया। इससे पहले मई में सुप्रीम कोर्ट ने कोली को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली पीड़िता के पिता की याचिका पर भी सुनवाई करने पर सहमति जताई थी।

उच्च न्यायालय से बरी

उच्च न्यायालय ने कोली और उसके नियोक्ता मोनिंदर सिंह पंधेर दोनों को बरी कर दिया था, जो मौत की सजा का सामना कर रहे थे। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष "उचित संदेह से परे" अपना अपराध साबित करने में विफल रहा और जांच की आलोचना करते हुए कहा कि "यह जांच पूरी तरह से विफल रही।" इस फैसले ने 12 मामलों में कोली की मौत की सजा और दो मामलों में पंधेर की सजा को पलट दिया।

पंढेर को शुरू में सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया था, जबकि कोली को 28 सितंबर, 2010 को मौत की सजा सुनाई गई थी।

मामले का विवरण

पंढेर और कोली पर बलात्कार और हत्या के आरोप हैं, यौन उत्पीड़न, क्रूर हत्याओं और संभावित नरभक्षण के विवरण ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद में सीबीआई अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा को चुनौती देने वाले दोनों व्यक्तियों की कई अपीलों को स्वीकार कर लिया।

पंढेर और कोली के खिलाफ 2007 में कुल 19 मामले दर्ज किए गए थे। सीबीआई ने सबूतों के अभाव में तीन में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। ​​बाकी 16 मामलों में कोली को तीन में बरी कर दिया गया और एक में उसकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया।

अवशेषों की खोज

यह वीभत्स हत्याएं 29 दिसंबर, 2006 को प्रकाश में आईं, जब नोएडा के निठारी में पंढेर के घर के पीछे नाले में आठ बच्चों के कंकाल मिले। आगे की खोजों में इलाके के आसपास और भी अवशेष मिले। ज़्यादातर पीड़ित ग़रीब बच्चे और युवा महिलाएँ थीं जो लापता हो गई थीं।

इन खोजों के दस दिनों के भीतर ही सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में ले लिया। उनकी तलाशी के दौरान अतिरिक्त अवशेष मिले, जिससे इन भयानक अपराधों पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+