Odisha ASO Recruitment: सुप्रीम कोर्ट ने एएसओ भर्ती को लेकर ओडिशा सरकार और OPSC को भेजा नोटिस
Odisha ASO Recruitment: सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सचिवालय सेवा के ग्रुप बी पदों में की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर दायर याचिका स्वीकार कर ली है। मामले में अदालत ने राज्य सरकार और ओपीएससी को नोटिस जारी किया है, जिसमें 27 अगस्त, 2022 को एक लिखित परीक्षा आयोजित ओपीएससी की लिखित परीक्षा के परिणामों पर फिर विचार करने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उड़ीसा उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) स्वीकार कर ली। दरअसल, ओडिशा लोक सेवा आयोग की एक अधिसूचना को लेकर थी, जिसमें 796 सहायक अनुभाग अधिकारियों (ASO) की भर्ती प्रक्रिया तहत 1,104 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया था।

याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने राज्य सरकार और ओपीएससी दोनों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उत्तरदाताओं के जवाबों के साथ मामले को विचार के लिए चार सप्ताह समय दिया है।
दरअसल, यह याचिका शीर्ष अदालत में रजत कुमार मिश्रा ने दायर की थी। जिन्होंने एएसओ की परीक्षा दी थी लेकिन शॉर्टलिस्ट नहीं किए गए। मिश्रा ने उच्च न्यायालय के 22 दिसंबर के फैसले को चुनौती दी है। जिसके तहत ओपीएससी ने 27 अगस्त, 2022 को एक लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में 1,48,888 उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए।
ओपीएससी ने 7 नवंबर, 2022 को कंप्यूटर-आधारित कौशल परीक्षण के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 1,104 उम्मीदवारों की सूची जारी थी। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की संख्या कुल 796 रिक्तियों का लगभग 1.5 गुना था।
रजत कुमार और चार अन्य ने इससे पहले उच्च न्यायालय में लिखित परीक्षा के बाद मेरिट सूची तैयार करने के लिए विभिन्न विषयों के लिए कट-ऑफ अंक लागू करने को चुनौती दी थी। जिस पर एक्शन लेते हुए न्यायमूर्ति एके महापात्र की एकल न्यायाधीश पीठ ने 19 मई, 2023 को मेरिट सूची को रद्द कर दिया था और ओपीएससी को कुल अंकों के आधार पर एक नई मेरिट सूची तैयार करने और उन्हें दो महीने के भीतर सूचित करने का निर्देश दिया था। बाद में 31 जुलाई को जस्टिस महापात्रा ने भी एक समीक्षा याचिका खारिज करते हुए आदेश रद्द करने की पुष्टि की।












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