ताज महल के पास हो रहे निर्माण को चार हफ्तों के भीतर गिराने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
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नई दिल्ली। आगरा स्थित ताजमहल के पास बने मल्टीलेयर पार्किंग को सुप्रीम कोर्ट ने गिराने का आदेश दिया है। कोर्ट में इस पार्किंग के खिलाफ याचिका दायर की गई थी कि यह पार्किंग 17वीं शताब्दी के ऐतिहासिक स्मारक के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, जिसके बाद कोर्ट ने इस पार्किंग स्थल को तोड़ने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला योगी आदित्यनाथ के ताज महल दौरे से ठीक दो दिन पहले आया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इस बात का फैसला लिया था कि ताजमहल के पास ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए पार्किंग स्थल बनाया जाएगा, यहां पार्किंग का निर्माण चल भी रहा था। यह पार्किंग स्थल बेसमेंट को मिलाकर दो लेवल पर बनाया जाना था, यह निर्माण ताजमहल के पूर्वी गेट के पास हो रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ 26 अक्टूबर को ताजमहल जाएंगे। पर्यावरणविद एमसीस मेहता ने आरोप लगाया था कि यह निर्माण ताजमहल के लिए नुकसानदायक है, लिहाजा इसका निर्माण रुकना चाहिए. निर्माण स्थल ताजमहल से महज एक किलोमीटर दूर है। मेहता का कहना है कि इसके निर्माण से पहले पुरातत्व विभाग व सुप्रीम कोर्ट से इसकी इजाजत नहीं ली गई थी। मेहता की याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता ने इसपर सुनवाई करते हुए इस पार्किंग स्थल को चार हफ्ते के भीतर गिराने का आदेश दिया है।
आपको बता दें कि योगी सरकार ताज ओरिएंटेशन सेंटर का निर्माण करने जा रही है, जिससे कि यहां आने वाले पर्यटकों को तमाम सहूलियतें मुहैया कराई जा सके और उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े, इसकी कुल कीमत 231 करोड़ रुपए है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि यहां बिना 15 पेड़ काटे इसका निर्माण संभव नहीं है। कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार के वकील ने इस आदेश के पर स्टे के लिए याचिका दायर की है, सरकार के वकील ऐश्वर्य भाटी की ओर से कहा गया है कि पार्किंग के निर्माण से पहले इसके लिए आवश्यक इजाजत ली गई थी। हालांकि कोर्ट ने इसपर स्टे लगाने से इनकार कर दिया है।
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