सबरीमाला में प्रवेश करने वाली महिला पर हमला, सुप्रीम कोर्ट करेगा मामले की सुनवाई
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में कल सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली दो महिलाओं की याचिका पर सुनवाई होगी। कनकदुर्गा और बिंदू अम्मिनी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर पुलिस प्रोटेक्शन की मांग की है। इनमें से एक महिला कनकदुर्गा को उसकी सास ने पीटा था जिसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोनों महिलाओं ने 2 जनवरी को सुबह मंदिर में प्रवेश किया था जिसके खिलाफ पूरे केरल में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटने के बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कोर्ट के फैसले के बाद भी कई सामाजिक संगठनों सहित बीजेपी-कांग्रेस ने महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ प्रदर्शन किया। 2 जनवरी की सुबह ये दोनों महिलाएं चुपके से मंदिर में दाखिल हो गई थी। मंदिर में प्रवेश का वीडियो सामने के बाद केरल में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। वहीं, इसके बाद मंदिर को शुद्धिकरण के लिए बंद कर दिया गया था।
पूरे राज्य में जगह-जगह प्रदर्शन हुआ था और तोड़फोड़-आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मामले पर राज्य सरकार और विपक्षी दल आमने-सामने हो गए थे। विपक्षी दलों ने आस्था का मामला बताते हुए महिलाओं की एंट्री का विरोध किया था। कई सालों से ये प्रथा रही है कि भगवान अयप्पा के इस मंदिर में रजस्वला उम्र (10 से 50 साल तक) की महिलाएं प्रवेश नहीं कर सकती हैं, लेकिन प्रवेश की इस पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था।












Click it and Unblock the Notifications