सुप्रीम कोर्ट से गूगल को नहीं मिली राहत, एक हफ्ते में जमा करनी होगी जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि
गूगल पर पिछले साल अक्टूबर में दो बार जुर्माना लगा था। उसको अब सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है।

गूगल इंडिया को भारतीय सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, जहां कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। साथ ही गूगल से जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि जमा करने को कहा है। इसके लिए कंपनी को एक हफ्ते का वक्त दिया गया। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को ट्रिब्यूनल को वापस भेज दिया और 31 मार्च तक मामले का फैसला करने को कहा।
आरोप है कि गूगल ने एंड्रॉयड के लिए बाजार में अपनी स्थिति का फायदा उठाया। इसको देखते हुए उस पर 1338 करोड़ रुपये जुर्माना ठोका गया। इस आदेश को लेकर गूगल ने तुरंत सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहां गुरुवार को सुनवाई आया। कंपनी की ओर से पेश सीनियर वकील एएम सिंघवी ने कहा कि उनके क्लाइंट पर बिना जांच और सबूत के जुर्माना लगा दिया गया, जो पूरी तरह से गलत है।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने की। उन्होंने कंपनी के वकील से ये भी पूछा कि क्या गूगल इंडिया भारत में भी वही नियम लागू करता है, जो यूरोप में लागू हैं। इस पर वकील ने जवाब दिया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि वो पुराने आदेश में दखल नहीं देंगे। गूगल इंडिया जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि को जमाकर करके फिर से ट्रिब्यूनल जाए। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल को आदेश दिया कि वो 31 मार्च तक इस मामले का निस्तारण कर दे।
दो बार लगा जुर्माना
आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में गूगल पर दो बार जुर्माना लगा। ये जुर्माना कंपटीशन कमिशन ऑफ इंडिया (CCI) ने लगाया था। पहला जुर्माना 1337 करोड़, जबकि दूसरा 936.44 करोड़ का था। ऐसे में जुर्माने की कुल राशि 2274 करोड़ हो गई। आरोप है कि गूगल ने एंड्रॉयड बाजार में अपनी स्थिति का फायदा उठाते हुए खुद को आगे रखा।












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