हार्दिक पटेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, दंगा मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार
नई दिल्ली। गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मेहसाणा दंगा मामले में तत्काल सुनवाई करने की हार्दिक पटेल की अपील को सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है। गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल साल 2015 में हुए मेहसाणा दंगे में दोषी करार दिए गए थे। इसके चलते वे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो गए। हार्दिक पटेल गुजरात हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। अपनी याचिका में हार्दिक ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था और जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत दो साल या उससे अधिक समय के लिए जेल की सजा काट रहा शख्स तब तक चुनाव नहीं लड़ सकता जब तक उसकी दोषसिद्धि पर रोक न लगा दी जाए। इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने भी हार्दिक पटेल की सजा को निलंबित करने की याचिका को रद्द कर दिया था। बीते साल जुलाई में सेशन कोर्ट ने हार्दिक पटेल को दो साल की सजा सुनाई थी।
Lower court at Mehsana, Gujarat had sentenced him to 2 yrs imprisonment in July last yr, for rioting & arson in 2015, during the Patidar quota protests. He had then approached Gujarat HC seeking suspension of his conviction so he can contest elections, but his plea was rejected. https://t.co/EwOptNblaS
— ANI (@ANI) April 2, 2019
हार्दिक पटेल हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं और जामनगर से चुनाव लड़ने की तैयारी में भी थे। दूसरी ओर चुनाव के लिए नामांकन भरने की आखिरी तारीख भी नजदीक है। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 4 अप्रैल है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में तत्काल सुनवाई करने से इनकार करने के बाद उनके चुनाव लड़ने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
मेहसाणा जिले के सेशन कोर्ट ने 2015 में विसनगर में पाटीदार आंदोलन के दौरान हुए दंगे के मामले में हार्दिक पटेल को दोषी करार दिया था। बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तर में तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में हार्दिक पटेल और उनके साथियों को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी।












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