पराली जलाना प्राकृतिक प्रक्रिया, इससे नहीं होता प्रदूषण, बारिश के लिए कराएं यज्ञ: सुनील भराला
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के मंत्री सुनील भराला प्रदूषण पर दिए अपने एक बयान की वजह से सुर्खियों में हैं। दिल्ली-एनसीआर में धुंध से लोगों को राहत नहीं मिल रही है, सीएम अरविंद केरीवाल ने दिल्ली को गैस चैंबर बनाने के लिए पड़ोसी राज्य को जिम्मेदार ठहराया है। केजरीवाल के इसी आरोप पर सुनील भराला ने रविवार को मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, पराली जलाना एक परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है इससे प्रदूषण नहीं होता। इतना ही नहीं मंत्री ने सरकार को बारिश कराने के लिए यज्ञ करने तक की सलाह दे डाली।
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क्या कहा सुनील भराला ने
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू का वीडियो काफी वायरल हो रहा है, इस वीडियो में सुनील भराला ने बिना नाम लिए केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है। केजरीवाल के पराली जलाने के आरोप पर भराला ने जवाब देते हुए कहा, पराली-पराली करना मतलब किसानों पर सीधा हमला है। किसान परिवार से जन्में लोगों को यह पता होना चाहिए गन्ना छीलते हैं तो उसका छिलका निकलता है ऐसे ही उड़द की दाल, अरहर की दाल और कई फसलों की पराली निकलती है जिसे किसान कई सालों से जलाता आ रहा है, इससे प्रदूषण नहीं होता यह एक प्रकृति का हिस्सा है। किसानों पर यह हमला बेहद दुखद है इसपर विचार करने की आवश्यकता है।
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यज्ञ से बारिश कराने की दी सलाह
मंत्री सुनील भराला ने अपने बयान में वायु पदूषण से पीड़ित राज्यों को यज्ञ से बारिश कराने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि, हमारे हिंदुस्तान की यज्ञ करने की परंपरा रही है तो राज्य सरकारें भी अपने यहां यज्ञ कराएं और भगवान इंद्र को प्रसन्न कर बारिश कराएं। बता दें कि, दिवाली के बाद से ही दिल्ली और उससे सटे इलाकों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। सीएम केजरीवाल ने इसके लिए पड़ोसी राज्यों की सरकारों पर हमला बोला था, उन्होंने कहा था कि हरियाणा-पंजाब की सरकारें किसानों के पराली जलाने पर मजबूर कर रही हैं। उनके इस बयान के वजह से देश में राजनीतिक घमासान मच गया है।












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