कला के कदरदान मोदी ने दी सुचित्रा को श्रद्धाजंलि कहा, देश ने एक अनमोल अदाकारा खो दिया

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82 वर्षीया अभिनेत्री ने शुक्रवार तड़के कोलकाता के नर्सिग होम में अंतिम सांस ली। सेन सांस संबंधी तकलीफ बढ़ने की वजह से पिछले 26 दिनों से कोलकाता के बेले व्यू क्लीनिक में भर्ती थीं। उन्हें बांग्ला की 'दीप ज्वले जाइ' और 'उत्तर फाल्गुनी' सरीखी फिल्मों में दमदार अभिनय के लिए जाना जाता है।
वहीं, हिंदी में उन्होंने 'देवदास', 'बंबई का बाबू', 'आंधी', 'ममता' और 'मुसाफिर' सरीखी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई। सुचित्रा के परिवार में बेटी मुनमुन सेन, नातिन रिया और राइमा सेन हैं। इन तीनों ने ही सुचित्रा के नक्शे कदम पर चलते हुए करियर के रूप में अभिनय को चुना।












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