घने अंधेरे में भी बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि प्राइम ने किया शानदार प्रदर्शन, टेस्टिंग में लक्ष्य तबाह
अग्नि प्राइम मिसाइल का रात में भी सफल परीक्षण हो गया। इससे पहले इसके तीन टेस्ट सफल रहे थे।

'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में देश को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहां नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि प्राइम का एक और परीक्षण सफल रहा। मिसाइल ने अपने लक्ष्य को पूरी तरह से तबाह कर दिया। साथ ही सभी पैमानों पर खरी उतरी।
डीआरडीओ के मुताबिक 7 जून को ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से शाम 7:30 बजे सफलतापूर्वक अग्नि प्राइम मिसाइल को लॉन्च किया गया। ये परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा और मिसाइल ने शानदार प्रदर्शन किया।
मामले में डीआरडीओ ने आगे कहा कि अग्नि प्राइम मिसाइल के तीन सफल विकासात्मक परीक्षणों के बाद ये पहला प्री-इंडक्शन नाइट लॉन्च था, जो सिस्टम की सटीकता और विश्वसनीयता पर खरा उतरा। इसके रूट और प्रदर्शन की देखरेख के लिए जगह-जगह पर रडार, जहाज, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम समेत कई हाईटेक उपकरण तैनात किए गए थे।
अग्नि प्राइम की खास बातें-
- ये दो चरणों वाली कनस्तरीकृत मिसाइल है।
- ये अग्नि सीरीज की छठी और सबसे लेटेस्ट मिसाइल है।
- इसकी रेंज 4000 किमी से ज्यादा बताई जा रही। हालांकि ये विस्फोटक की मात्रा पर भी निर्भर करेगी।
- इस मिसाइल का व्यास 1.2 मीटर और लंबाई 10.5 मीटर है। ये एक बार में 1.5 विस्फोटक ले जा सकती है।
- सफल टेस्टिंग के बाद भारत की तीनों सेनाओं में इसे शामिल किया जाएगा।
- इसमें दोहरी नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणाली है।
- अग्नि-पी मिसाइल भारत की विश्वसनीय निवारक क्षमताओं को और मजबूत करेगी।
अग्नि-1 की भी टेस्टिंग सफल
बीते 1 जून को ओडिशा के इसी द्वीप से अग्नि-1 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया था। डीआरडीओ के मुताबिक इस मिसाइल की रेंज 900 मीटर है। परीक्षण के दौरान ये सभी मानकों पर खरी उतरी। इसकी निगरानी के लिए कई रडार और अन्य उपकरण तैनात किए गए थे। ये मिसाइल 1000 किलो तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।












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